
कई बार मकान बनवाते समय कई ऐसी गलतियां हो जाती हैं जो वास्तु दोष का कारण बनती हैं। इन वास्तु दोषों का असर उस घर में रहने वाले प्रत्येक सदस्य पर भी पड़ता है। बिना तोड़-फोड़ के आप कुछ आसान उपाय कर इससे छुटकारा पा सकते है। घर में दरवाजे की जरूरत और खासियत से तो हम सभी अवगत हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति के साथ-साथ परिजनों की खुशहाली भी बहुत हद तक घर के मुख्य दरवाजे पर आधारित होती है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार परिवार के लोग बीमार और परेशान रहते हैं तो इसका एक कारण घर का मेनगेट भी होता है। मुख्य दरवाजे से जुड़े वास्तु दोष होने के कारण घर में रहने वाले लोग शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रुप से परेशान रहते हैं। वास्तु शास्त्र के कई ग्रंथों में घर के मुख्य दरवाजों से जुड़ी खास बातें बताई गई हैं। जिनका ध्यान रखा जाए तो टेंशन, बीमारियों और खर्चो से बचा जा सकता है। इसके साथ घर में शांति भी बनी रहती है। वास्तु शास्त्र में ऐसे ही 5 दोष बताए गए हैं जिनकी वजह से घर में गरीबी आती है।
- घर का मुख्य दरवाजा लकड़ी का होना चाहिए और अंदर की तरफ खुलना चाहिए। बाहर की तरफ खुलने वाले दरवाजे से घर के मालिक को परेशानियों और बीमारियों का सामना करना पड़ता है। धातु का दरवाजा होने से धोखा मिल सकता है।
- घर का मुख्य द्वार घर के अन्य दरवाजों से बड़ा होना चाहिए। मुख्य द्वार दूसरे दरवाजों से छोटा हो तो आर्थकि परेशानयिों का सामना करना पड़ सकता है।
- सूर्योदय के समय घर की खड़िकयिां खुली रखनी चाहिए। इससे सकारात्मक उर्जा घर में आती है। इस समय खड़िकयिां बंद रहने से घर के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानयिों का सामना करना पड़ सकता है।
- घर के किसी भी दरवाजे पर या उसके पीछे तलवार, चाकू या कोई भी धारदार चीज नहीं रखनी चाहिए। इससे परिवार के लोगों के बीच संघर्ष और तनाव बढ़ सकता है।
- घर के किसी भी बेडरूम में वॉश बेसनि नहीं होना चाहिए। ऐसा होने से दांपत्य जीवन में वश्विास की कमी आती है। ऐसा हो तो वॉश बेसिन के आगे पर्दा जरूर लगा लें।
