एस.एस तोमर (संपादक विज़न 2020)
देहरादून : उत्तराखंड की राजनीति में शुचिता, ईमानदारी और कड़क अनुशासन के प्रतीक रहे पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूरी अब हमारे बीच नहीं हैं। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे जनरल साहब ने 19 मई को सुबह 11 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से जहां पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर है, वहीं ‘विज़न 2020′ पत्रिका परिवार गहरे सदमे में है। जनरल साहब का विजन 2020 परिवार के साथ सिर्फ एक राजनेता जैसा नहीं, बल्कि एक सच्चे अभिभावक और मार्गदर्शक जैसा आत्मीय रिश्ता था।

सफर की शुरुआत: जब मुख्य अतिथि बनकर पहुंचे थे जनरल साहब
विजन 2020 पत्रिका के सफर की हर एक ईंट पर जनरल खंडूरी के आशीर्वाद की छाप है। साल 2010 में जब इस पत्रिका की परिकल्पना को धरातल पर उतारा गया, तब बीसी खंडूरी ने ही मुख्य अतिथि के रूप में इसका भव्य शुभारंभ किया था।
प्रोटोकॉल से हटकर निजी आवास पॉम सिटी पहुंचे थे जनरल साहब
जब पत्रिका ने अपना पहला सफल साल पूरा किया, तो इसकी वर्षगांठ पर शुरू की गई ‘ट्रैवल अपडेट’ पत्रिका का विमोचन भी जनरल साहब के कर-कमलों द्वारा ही हुआ। इस दौरान जनरल साहब प्रोटोकॉल से परे हटकर हमारे निजी आवास पर भी पहुंचे और परिजनों के साथ लंबा वक्त बिताया था।

’बाहर से फौजी अनुशासन, भीतर से आत्मीय कोमलता’
जनरल खंडूरी को करीब से जानने वाले लोग इस बात के गवाह हैं कि जनरल साहब बाहर से जितने कड़क और अनुशासित दिखते थे, भीतर से उनका हृदय उतना ही कोमल और संवेदनशील था।साल 2012 में जब हमारे विवाह का अवसर आया, तो जनरल साहब ने अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद शादी में शिरकत की। उनका यह जमीन से जुड़ाव और हर किसी को अपना बना लेने का अनूठा अंदाज ही उन्हें जननेता बनाता था।

युवाओं की पीठ थपथपाकर कहा था— “एक दिन बहुत आगे जाओगे”
जनरल साहब हमेशा युवाओं की ऊर्जा पर भरोसा करते थे। एक बार हमारे आग्रह पर जनरल साहब विज़न 2020 की पूरी टीम से मिले। उन्होंने न सिर्फ युवाओं से संवाद किया, बल्कि उनके भीतर नया जोश भरते हुए कहा था— “यह युवाओं की ऊर्जा है, तुम लोग एक दिन बहुत आगे जाओगे।” वे पत्रिका में छपने वाले लेखों को खुद पढ़ते थे और भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए गए मुद्दों पर टीम की खुलकर पीठ थपथपाते थे।
बेदाग छवि और कड़े फैसलों के हमेशा कायल रहेंगे हम…
जनरल खंडूरी जी का व्यक्तित्व ऐसा था कि विरोधी भी उनकी ईमानदारी का लोहा मानते थे। भ्रष्टाचार पर उनका कड़ा प्रहार, अधिकारियों की जवाबदेही तय करना और उत्तराखंड के विकास के लिए कड़े कानून बनाने की उनकी इच्छाशक्ति ने देश-प्रदेश में लाखों लोगों को उनका प्रशंसक बनाया। विज़न 2020 परिवार भी उनके इसी विजन और बेदाग कार्यशैली का हमेशा कायल रहा।

एक युग का अंत: अलविदा जनरल साहब!
जनरल खंडूरी का जाना उत्तराखंड की राजनीति के एक स्वर्णिम युग का अंत है। विज़न 2020 परिवार के लिए यह एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
”हम आज स्तब्ध हैं, निशब्द हैं। यकीन करना मुश्किल है कि हमारा मार्गदर्शन करने वाले जनरल साहब अब हमारे बीच नहीं रहे। उनकी यादें, उनकी बातें और उनकी सिखाई ईमानदारी हमारे सफर में हमेशा मशाल बनकर हमारा रास्ता रोशन करती रहेंगी।
भावभीनी श्रद्धांजलि! अलविदा जनरल साहब, आप बहुत याद आएंगे…”


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