चंपावत : जिले की पावन लधिया और रतिया नदी के संगम पर स्थित विश्व प्रसिद्ध सिख तीर्थ गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब में तीन दिवसीय वार्षिक जोड़ मेले का शुक्रवार को श्रद्धा, सेवा और भक्ति भाव के साथ भव्य शुभारंभ हो गया। गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से प्रेरित इस ऐतिहासिक मेले में पहले ही दिन देश-विदेश से पहुंचे करीब 1500 श्रद्धालुओं ने गुरु दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे क्षेत्र में शबद-कीर्तन, सेवा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत माहौल देखने को मिला।
गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से गूंजा रीठा साहिब
जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशानुसार मेले का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती, उपजिलाधिकारी पाटी नितेश डागर, कार सेवा प्रमुख बाबा बच्चन सिंह, बाबा सुरेंद्र सिंह तथा गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और कार सेवा के संतों द्वारा मुख्य अतिथियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को गुरु घर का पारंपरिक सिरोपाव और कृपाण भेंट कर सम्मानित किया गया।
श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हुआ विश्व प्रसिद्ध जोड़ मेला
मेले के सफल संचालन को लेकर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती ने उद्घाटन के बाद व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा अस्थाई पार्किंग, नदी तट पर स्नान के लिए कच्चे पुल, लंगर एवं विश्राम स्थलों की बेहतर व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं तथा शुद्ध पेयजल, शौचालय और स्वच्छता व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं और पर्वतीय मार्गों पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
जिला प्रशासन के सहयोग से मेले की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारु
कार सेवा प्रमुख बाबा सुरेंद्र सिंह ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं से पर्वतीय मार्गों पर सावधानी और संयम के साथ यात्रा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज की असीम कृपा और जिला प्रशासन के सहयोग से मेले की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारु हैं। उन्होंने श्री रीठा साहिब की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वही पावन स्थल है जहां जगत गुरु श्री गुरु नानक देव जी ने योगियों के साथ सत्संग किया था और कड़वे रीठे में मिठास भरकर पूरी मानवता को प्रेम, सेवा, भाईचारे और समर्पण का संदेश दिया था। उन्होंने सभी लोगों से गुरु महाराज के बताए मार्ग पर चलकर न्यायपूर्ण, समावेशी और सामंजस्यपूर्ण समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ का विधिवत शुभारंभ
गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने बताया कि सुबह से ही गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ का विधिवत शुभारंभ हो चुका है और शबद-कीर्तन की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। वर्तमान में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति आपसी समन्वय के साथ मेले को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और श्रद्धामय ढंग से संपन्न कराने में जुटे हुए हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और अन्य लोग शामिल रहे।
