
देहरादून । धार्मिक व्यवस्था के नाम पर सुधांशु महाराज के कुछ शिष्य गुंडई कर रहे हैं। ऐसा मानना है परेड मैदान के साइकिल स्टैंड ठेकेदार संजना इटर प्राइजेज के स्वामी आरएस यादव का। उन्होंने जिला क्रीड़ा अधिकारी को एक पत्र लिखकर सुधांशु महाराज का प्रवचन आयोजित करने वाले मनोज शास्त्री की दबंगई का एक पत्र लिखा है। अपने पत्र में श्री यादव ने लिखा है कि वह परेड मैदान पार्किंग के ठेकेदार हैं। उनके सहयोगियों का काम पार्किंग से ही चलता है। वह अपने सहयोगियों से पार्किंग का कार्य करवा रहे हैं लेकिन सुधांशु महाराज का प्रवचन आयोजित करने वाले मनोज शास्त्री ने साइकिल स्टैंड के कर्मचारियों को धमकी दी और धक्का देकर भगा दिया तथा कहा कि वह कथा में आने वाले श्रद्धालुओं से कोई पैसा नहीं लेने देंगे। इस पर जब आरएस यादव ने मनोज शास्त्री से बातचीत की तो उनका कहना था कि अब तुम मार खाकर ही मानोगे। हमें केवल कथा वाला ही मत समझना, मैं और कुछ भी हूं, लेकिन इन दोनों के विवाद पर समिति के उपाध्यक्ष अमरनाथ ने दोनों को समझाया और कहा कि मैं बात करता हूं। उन्होंने कहा कि मैं खेल अधिकारियों से बातचीत कर लूंगा। इससे पहले भी गत वर्ष के आयोजन में भी मनोज शास्त्री ने साइकिल स्टैंड के ठेकेदार से हाथापाई और अभद्रता की थी, जिस पर बाद में समझौता हो गया था। इस बार फिर उन्होंने वैसे ही परंपरा अपनाई है जिसके कारण धार्मिक आयोजन करने वाली संस्था की भी बदनामी हो रही है और कथावाचक सुधांशु महाराज की भी।
मामला सुलझा लिया जाएगा : अमरनाथ उपाध्यक्ष आयोजन समिति
इस संदर्भ में समिति के उपाध्यक्ष अमरनाथ का कहना था कि उनके सामने यह मामला आया है और उन्होंने साइकिल स्टैंड के ठेकेदार से आग्रह किया कि वह कुछ राशि कम कर दें जो श्रद्धालुओं को भी न अखरे और उनका भी काम चल जाए। श्री अमरनाथ का कहना है कि उन्होंने इस संदर्भ में स्टैंड ठेकेदार आरएस यादव से भी बात कर ली है। मामला सुलझा लिया जाएगा। मनोज शास्त्री की अभद्रता पर अमरनाथ जी का कहना था कि मामले को सुलझा लिया जाएगा। इस संदर्भ में स्टैंड का कहना है कि हम धार्मिक लोगों का सम्मान करते हैं लेकिन स्टैंड के लिए सरकार द्वारा कुछ दरें निर्धारित की गई है। हम चाहते हैं कि हमें वही दरें दी जाए। पिछली बार हमने कारों के लिए 20 रुपये तथा दुपहिया वाहनों के लिए 10 रुपये अपनी ओर से कर दिए थे। मैं स्वयं धार्मिक हूं लेकिन जो अभद्रता की गई है वह उचित नहीं है।
आयोजकों को नोटिस जारी होगा
इस संदर्भ में खेल अधिकारी राजेश ममगाईं का कहना है कि परेड मैदान की पार्किंग का विधिवत ठेका होता है और उसके लिए निर्देश जारी होते हैं। उन्हें स्टैंड ठेकेदार का पत्र मिल चुका है और वह कल शनिवार को कथा आयोजकों को एक पत्र जारी करेंगे जिसमें उनका भुगतान करने को कहा जाएगा। श्री ममगाईं का कहना है कि खेल निदेशक की ओर से स्टैंड को अधिकार दिया जाता है और खेल निदेशक ही मैदान किराए पर देते हैं। ऐसे में ठेकेदार से अभद्रता करना और निर्धारित शुल्क न देना दंडनीय है। क्रीड़ा अधिकारी राजेश ममगाईं का कहना है कि वह इस मामले पर त्वरित कार्यवाही करेंगे।
