नैनीताल- कैलास मानसरोवर यात्रा के बुधवार सुबह 17वें दल के यात्री काठगोदाम पहुंच गए, जबकि 18वें दल के यात्रियों के एक से दो बजे के बीच पहुंचने के आसार हैं। इसी के साथ ही 2018 कैलास मानसरोवर यात्रा का समापन हो जाएगा। इस वर्ष खराब मौसम के चलते यात्रा में कई बार रुकावट आई। पिथौरागढ़ से गुंजी तक हेलीकॉप्टर सेवा ही एकमात्र विकल्प होने के कारण कई दलों को दस-दस दिन तक पिथौरागढ़ और गुंजी में ठहराना पड़ा था। 17वें और 18वें दल के यात्रियों ने कैलास मानसरोवर की परिक्रमा पांच दिन पूर्व पूरी कर ली थी। दोनों दलों के 49 यात्री भारत लौटने के बाद गुंजी पड़ाव में थे। तब से मौसम लगातार खराब चल रहा था। तीन दिन में वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने प्रयास किया, लेकिन मध्य से लेकर उच्च हिमालय में मौसम बारिश व बादल रहने से सफल नहीं हो सके। मंगलवार को धूप खिलने से सभी यात्रियों को पिथौरागढ़ लाया गया। वहीं आज सुबह 17वें दल के यात्री काठगोदाम पहुंच चुके हैं, जबिक अंतिम दल के यात्रियों के दो बजे के आसपास पहुंचने की संभावना है। वहीं इस वर्ष कुल 892 यात्रियों ने कैलास मानसरोवर की परिक्रमा की। जिसमें 220 महिला और 672 पुरुष यात्री शामिल रहे। दिल्ली से कुल 906 यात्रियों का पंजीकरण हुआ था जिसमें 14 यात्री मेडिकल परीक्षण में असफल होने और मार्ग में बीमार पड़ने तथा घरेलू समस्या को लेकर बीच में ही यात्रा छोड़ कर लौटे । कैलास मानसरोवर यात्रा में पहली बार हेलीकॉप्टर से यात्रा उपलब्ध कराई गई।
