चमोली: भारत- तिब्बत सीमा से सटे गांवों के लिए बारिश अब आफत का कारण बन गई है। दरअसल, बारिश के दौरान तमक नाला, रैंणी गांव के पास बार बार पहाड़ी गिरने से मलारी हाईवे अवरुद्ध हो रहा है। बीते एक माह की ही बात करें तो तमक नाले में तीन दिन और अब रैंणी में समय समय पर हाईवे पर मलबा आने से सीमांत गांवों के लोगों की आवाजाही पर असर पड़ रहा है। इन दिनों इन गांवों में सेब के अलावा कई अन्य नकदी फसलें तैयार हैं। परंतु बारिश के कारण हाईवे बार-बार बाधित होने से नकदी फसलों को बाजार तक पहुंचाना भी आसान नही है। जोशीमठ विकासखंड के 12 से अधिक सीमा से लगे गांवों की आवाजाही का एकमात्र साधन है जोशीमठ मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग है। बारिश के कारण जोशीमठ मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग बार बार क्षतिग्रस्त होने से इन गांवों की आवाजाही में दिक्कतें हो रही है।
सीमांत गांवों के लिए आसमानी आफत ने बढ़ाई मुश्किलें
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