
देहरादून– चमोली जिले कि जोशीमठ में ग्लेशियर फटने से आई आपदा के चलते कई परिवार क्षतिग्रस्त हो गए हैं। आपको बता दें कि रविवार की सुबह तकरीबन 9:30 बजे ग्लेशियर फटने की सूचना मिली। सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तत्काल हेलीकॉप्टर से पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। जिसकी जानकारी देते हुए सीएम ने बताया कि आज भीषण आपदा का शिकार उत्तराखंड हुआ है। उन्होंने बताया कि ऋषि गंगा और रैणी गांव दो भागों में बटा हुआ है। जहां पर ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट का काम चल रहा था जिसमें 29 से 30 मजदूर लापता है। वहीँ दूसरी और तपोवन में एनटीपीसी का निर्माण कार्य प्रगति पर था। जिसमें बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि 250 मीटर की लंबी सुरंग में काम कर रहे मजदूरों को ITBP के जवानों द्वारा लगातार निकालने का प्रयास किया जा रहा है सीएम ने बताया कि अनुमान के अनुसार 125 से ज्यादा लोग अभी भी लापता है साथ ही 2 पुलिस के जवान भी इस आपदा में लापता है रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि जहां एक और मजदूर लापता है तो वही 180 भेड़ बकरी भी आपदा में बह गई हैं। सीएम ने बताया कि अबतक 7 लोगों के शव बरामद हुए हैं। जिनको 4—4 लाख रूपये का मुआव देने की घोषणा की गई है। साथ ही SDRF, NDRF और ITBP द्वारा लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है साथ ही रेस्क्यू अभियान के लिए शेष टीमों को भी अलर्ट मोड पर रहने के आदेश जारी कर दिए हैं।
