अगर हम कहे कि आपका स्मार्टफोन आपकी निजी जानकारी कहीं और ट्रांसफर कर रहा है शायद आप यही सोचेंगे कि आपकी निजी जानकारी फोन से कैसे ट्रांसफर हो जाएंगी. हाल ही में पूर्व केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने संसदीय समिति को बताया है कि स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले 40 फीसदी भारतीय पूरी दुनिया के साथ डेटा शेयर कर रहे है. इनमें अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA भी शामिल है.. दरसल अगस्त, 2017 में केंद्र सरकार ने 21 स्मार्टफोन कंपनियों को नोटिस भेजा था और डेटा सिक्योरिटी पर जवाब मांगा. इन कंपनियों में अधिकतर कंपनियां चाइनीज ही थी. यानी अगर आप भी ओपो, वीवो, श्याओमी जैसी कंपनियों के स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हैं तो खतरे की घंटी आपके लिए भी है.इन मोबाईल कंपनियों को भेजा सरकार ने नोटिस

सबसे बड़ी बात है कि देश के स्मार्टफोन मार्केट का 54 फीसदी शेयर तो श्याओमी, वीवो, ओपो जैसी चीनी कंपनियों के ही नाम है, ऐसे में समझ सकते हैं कि क्या हालात हैं. वहीं बात अगर भारतीय कंपनियों की हो तो महज 15 फीसदी शेयर इनके पास है. साउथ कोरिया की कंपनी सैमसंग इस लिहाज से पहले स्थान पर है, चीन की श्याओमी, वीवो और ओपो क्रमश: दूसरे तीसरे और चौथे स्थान पर हैं.
सरकार को डेटा चोरी होने का डर
सरकार ने यह नोटिस डेटा चोरी की आशंका को देखते हुए भेजा है. सरकार को इस बात की चिंता है स्मार्टफोन यूजर्स की पर्सनल इंफॉर्मेशन चोरी की जा सकती है. ऐसे में सरकार ने इन कंपनियों से डेटा सुरक्षा के इंतजाम के बारे में पूछा है. सिर्फ चाइनीज कंपनियों को ही नोटिस नहीं गया है साथ ही ऐपल, सैमसंग और माइक्रोमैक्स को भी ये नोटिस भेजा गया था. 28 अगस्त तक इन कंपनियों ने अपने जवाब दाखिल भी किए है.