रूद्रप्रयाग : उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा से जुड़ी भ्रामक और तथ्यहीन सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में जनपद रुद्रप्रयाग में दो और FIR दर्ज की गई हैं, जिसके बाद ऐसे मामलों में कुल तीन मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
चारधाम यात्रा से जुड़ी भ्रामक और तथ्यहीन सूचनाएं फैलाने वालों की खैर नहीं
चारधाम यात्रा से जुड़ी भ्रामक और तथ्यहीन सूचनाएं फैलाने वालों की खैर नहीं है। प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान कुछ वीडियो और रील्स को चिन्हित किया गया, जिनमें केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर गलत और भ्रामक दावे किए गए। इन पोस्ट्स में यह दिखाया गया कि श्रद्धालुओं को बिना दर्शन लौटाया जा रहा है, घंटों लंबी कतारों के बावजूद दर्शन नहीं हो रहे, और पुलिस व्यवस्था कमजोर है।
हालांकि, प्रशासन का कहना है कि वास्तविक स्थिति इससे अलग है। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से, चरणबद्ध और नियमों के तहत दर्शन कराए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की झूठी जानकारी फैलाकर लोगों में भ्रम और डर का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, साथ ही यात्रा की छवि को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास हो रहा है।
सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 24 घंटे निगरानी रखते हुए ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके अलावा अन्य संदिग्ध वीडियो और डिजिटल कंटेंट की भी जांच की जा रही है, जिन पर जल्द ही सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार ने साफ किया है कि यात्रा की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था और प्रदेश की छवि के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार और सख्ती से जारी रहेगा।
