हिमालय की शृंखलाओं में एक पर्वत है, ओम पर्वत। 6 किलोमीटर से अधिक ऊंचे इस पर्वत को लिटिल कैलाश, आदि कैलाश और बाबा कैलाश के नाम से भी जाना जाता है। यह शिखर हिंदू, बौद्ध और जैन तीनों धर्मों के लोगों के लिए श्रद्धेय है। इस पर्वत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां प्रकृति ने स्वयं हिन्दू धर्म के पवित्र शब्द ‘ॐ’ की रचना की है। यहां बर्फ के बीच ‘ॐ’ शब्द का सुपष्ट पैटर्न लिखा हुआ दिखता है, जो देखने वाले को रोमांचित कर देता है।
लोगों का कहना है कि जिस साल हिमालय का मौसम संतुलित और खुशगवार होता है, उस साल ॐ का पैटर्न सबसे साफ नजर आता है। यही कारण है कि इसे ओम पर्वत कहते हैं। जब इस शिखर जमी बर्फ पर सूर्य की किरणें पड़ती है, तो इसकी सुन्दरता स्वर्गिक अनुभूति देती है। हिमालय में महादेव शिव का वास माना जाता है। हिन्दू धर्मग्रंथों में उल्लिखित है कैलाश पर्वत उनका सबसे प्रिय स्थान है। लोगों का मानना है कि पहले महादेव ओम पर्वत पर ही रहते थे। अनुश्रुतियों के अनुसार, जब उनके परिवार का आकार बड़ा हो गया तो शिव ने ओम पर्वत की जगह वर्तमान कैलाश को अपना वासस्थान बना लिया।
ये भी कहा जाता है कि ब्रह्मा ने अपने मन-मस्तिष्क से मानसरोवर बनाया है। दरअसल मानसरोवर संस्कृत के मानस (मस्तिष्क) और सरोवर (झील) शब्द से बना है। मान्यता है कि ब्रह्ममुहुर्त (प्रात:काल 3-5 बजे) में देवतागण यहां स्नान करते हैं। ग्रंथों के अनुसार, सती का हाथ इसी स्थान पर गिरा था, जिससे यह झील तैयार हुई।
