उत्तराखंड में लोकायुक्त बिल लंबित होने से गढवाल सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूरी आहत नजर आ रहे हैं। उन्होने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी के 57 विधायक होने के बावजूद लोकायुक्त बिल पास न होना, मुझे व्यक्तिगत रूप से बहुत खल रहा है। यही नहीं बी सी खंडूरी ने आगे चुनाव न लड़ने का ऐलान कर सबको चौका दिया है। खंडूरी जी के इन बयानों को लेकर राजनितिक गलियारों से लेकर आम जनमानस में चर्चा है कि खंडूरी अपनी ही पार्टी की सरकार से नाराज चल रहे है।
खंडूरी सरकार में पास हुआ था लोकायुक्त बिल
दरअसल अपनी कड़क और ईमानदार छवि के लिए शुमार बीसी खंडूरी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेश में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए लोकायुक्त कानून पास कराया था। उनके इस निर्णय की जनता ने सरहाना की थी। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद प्रदेश में सत्ता में आई कांग्रेस ने उनके लोकायुक्त बिल को ठन्डे में डाल दिया गया। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में भ्रष्टाचार को ख़त्म करने और लोकायुक्त बिल लागू करने का वादा कर दुबारा प्रचंड बहुमत से बीजेपी की फिर सरकार बनी। चर्चा है कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार बने 6 महीने से ज्यादा वक्त गुजर चूका है, इसके बावजूद अभी तक लोकायुक्त बिल पास न होने से बीसी खंडूरी खासे नाराज चल रहे है। इसको लेकर मंगलवार को गढ़वाल सांसद बीसी खंडूरी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि ‘व्यक्तिगत रूप से मुझे बहुत कष्ट होता है कि लोकायुक्त आज तक विधानसभा में पास नहीं हो पाया। जब मैं मुख्यमंत्री था, मैंने लोकायुक्त पास किया था। भारतवर्ष में अकेला लोकपाल है, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकृति दी हुई है। तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उस पर दस्तखत किए हुए हैं। पिछली कांग्रेस सरकार ने स्वीकृत लोकायुक्त को अस्वीकृत कर दिया। इस समय हमारे 57 विधायक हैं। किसी भी दिन लोकायुक्त बिल पास कर सकते हैं। इस बिल के के पास होने के बाद विधायक और मुख्यमंत्री भी इसके दायरे में आएंगे।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लोकपाल बेवकूफी है। कांग्रेस ईमानदार होती तो मेरे समय के लोकायुक्त बिल को पास कर देते। नये बिल की आवश्कता नहीं थी।
पहले भी नाराजगी जता चुके है खंडूरी
दरसल पिछले दिनों पूर्व सीएम बीसी खंडूरी के ट्वीटर एकाउंट से एक ट्वीट हुआ था, जिसमे बीसी खंडूरी ने अपना दर्द बयां कर लिखा था कि “मैने सेना में देश की सेवा की। राजनीती में जो उत्तराखंड के लिए मेरा सपना था वो पूर्ण नहीं हो पाया”….यह ट्वीट होने के बाद राजनितिक गलियारों में हड़कंप मच गया। लोगो में यंहा तक चर्चा होने लगी कि बीसी खंडूरी पार्टी में अपनी अनदेखी के चलते पार्टी आला कमान से नाराज चल रहे है हालांकि बाद में पूर्व सीएम ने ट्वीट कर लिखा था की यव ट्विटर एकाउंट फ़र्ज़ी है, इस मामले में उनकी बेटी ऋतू खंडूरी ने देहरादून पुलिस में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है। हलाकि उनके इस ट्वीट लोग तरह तरह के तर्क जरूर निकाल रहे है।
अगला चुनाव नहीं लड़ेगें खंडूरी
गढ़वाल सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूरी अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है। रुद्रप्रयाग में एक बैठक में शामिल होने पहुंचे खंडूरी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए इसकी घोषणा की। पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ‘अगले लोकसभा चुनाव में मैं इस सीट से चुनाव लड़ने वाला नहीं हूं। इस सीट से किसे चुनाव लड़ना चाहिए, इसका फैसला संसदीय बोर्ड करेगा। उम्मीदवार को लेकर मुझसे पूछा जाएगा तो मैं अपनी राय जरूर दूंगा’। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में पौड़ी लोकसभा एक मात्र ऐसी सीट है, जहां पांच जनपद हैं। इस सीट से कुमाऊं का क्षेत्र भी जुड़ा है। कुछ लोग सवाल उठाते हैं कि वह क्षेत्र में कम आते हैं। जबकि जितना वह इस संसदीय क्षेत्र में घूमे हैं, उतना कोई नहीं घूमा।
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