देहरादून : राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने लोक भवन में “एआई थीम रूम” का उद्घाटन और “एआई ऑन व्हील्स” वाहन का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि आज उत्तराखण्ड में एक नई तकनीकी क्रांति की शुरूआत हुई है और यह क्रांति देश की युवा शक्ति तथा “अमृत पीढ़ी” के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत ने 21वीं सदी तथा वर्ष 2047 के “विकसित भारत” के लक्ष्य को पहचान लिया है, और अब देश का युवा वर्ग उसे दिशा देने का कार्य कर रहा है।
लोक भवन में “एआई थीम रूम” व “एआई ऑन व्हील्स” का शुभारंभ
कार्यक्रम में राज्यपाल ने “प्रौद्योगिकी संप्रभुता” को भारत के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश को तकनीक के माध्यम से किसी भी प्रकार की निर्भरता या डिजिटल गुलामी से बचाने के लिए अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता को युवाओं से ही प्रारंभ करना होगा। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे तकनीक के केवल उपभोक्ता न बनें, बल्कि नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से उसके निर्माता बनें तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
ये उत्तराखण्ड को ‘ज्ञान-भूमि’ से ‘टेक-भूमि’ बनाने का समय – राज्यपाल
राज्यपाल ने कहा कि “एआई थीम रूम” नवाचार, अनुसंधान और जनभागीदारी का एक जीवंत केंद्र बनेगा, जहाँ युवा केवल तकनीक का उपयोग ही नहीं सीखेंगे, बल्कि समस्याओं के समाधान भी विकसित करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहाँ से निकलने वाले स्टार्टअप्स और शोध कार्य उत्तराखण्ड को नई तकनीकी दिशा प्रदान करेंगे।
राज्यपाल ने “एआई ऑन व्हील्स” पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह मोबाइल एआई केंद्र प्रदेश के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों और सुदूर गांवों के विद्यार्थियों तक आधुनिक तकनीकी शिक्षा पहुँचाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल अंतराल को समाप्त कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक तकनीक की पहुँच सुनिश्चित करेगी।
ऑपरेशन कल्कि है बेहद खास
ऑपरेशन कल्कि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रारंभ की गई एक राज्यव्यापी नवाचार पहल है। इस पहल के अंतर्गत एआई थीम रूम की टीम ने उत्तराखण्ड के सभी 13 जनपदों का भ्रमण कर सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया तथा उनमें नवाचार, वैज्ञानिक सोच और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षा के प्रति जागरूकता विकसित की।
