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मुख्यमंत्री के पूर्व निजी सचिव प्रकाश चंद उपाध्याय को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार, टेंडर दिलाने के नाम पर की थी करोड़ो रूपये की ठगी।

देहरादून – टेंडर दिलाने के नाम पर करोड़ो रूपये की ठगी करने वाले मुख्यमंत्री के पूर्व निजी सचिव प्रकाश चंद उपाध्याय को दून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ उत्तराखंड सहित यूपी, राजस्थान में आठ मुकदमे दर्ज हैं। वहीं दूसरी ओर पीसी उपाध्याय के सहयोगी सौरभ वत्स को भीलवाड़ा राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीसी उपाधयाय व सौरभ वत्स ने भीलवाड़ा के नगर परिषद व फर्म के मालिक से टेंडर दिलाने के नाम पर एक करोड़ 15 लाख रुपये ठगे थे। दोनों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।

हाल ही में दर्ज मुकदमे में सेक्टर-सात हरिद्वार निवासी शिकायतकर्ता रामकेवल ने बताया कि उनका जेआर फार्मास्यूटिकल सिडकुल हरिद्वार में दवा की फैक्ट्री है। वर्ष 2022 में उनके पूर्व परिचित पटियाला (पंजाब) निवासी धीरज ऋषि ने उनकी मुलाकात सौरभ वत्स उर्फ सौरभ शर्मा निवासी देहरादून से कराई। सौरभ वत्स ने खुद को उत्तराखंड सचिवालय में विशेष कार्याधिकारी पद पर कार्यरत बताया। एक दिन सौरभ ने उनकी मुलाकात प्रकाश चंद्र उपाध्याय निवासी कलिंगा विहार माजरी माफी से मुख्यमंत्री कार्यालय में करवाई। सौरभ ने बताया कि प्रकाश चंद्र उपाध्याय मुख्यमंत्री के प्रमुख निजी सचिव हैं। इसी दौरान सौरभ ने उनकी मुलाकात अपनी पत्नी नंदिनी वत्स, चालक शाहरुख खान वह सहयोगी महेश और उसके पुत्र से भी करवाई।
सौरभ ने उन्हें सचिवालय प्रकाश चंद्र उपाध्याय के पास बुलाया और कहा कि आप का दवा कारखाना है क्यों ना आप उत्तराखंड चिकित्सा विभाग में निकलने वाले दवाइयों के सप्लाई की टेंडर प्रक्रिया में भाग ले लेते। यह टेंडर मिलने पर करोड़ों रुपयों का लाभ कमा लेंगे। सौरभ ने ई टेंडरिंग के माध्यम से सभी टेंडर आपको अलाट हो जाएंगे। इस पर 50 लाख रुपए पहले खर्चा आएगा। चिकित्सा सचिव सहित चिकित्सा विभाग के अन्य अधिकारियों को वह खुद मैनेज करेंगे। आरोपितों ने टेंडर दिलाने के नाम पर उनकी कंपनी के नाम से कई टेंडर फार्म भरवाएं और समय-समय पर उनसे 52 लाख रुपये ले लिए। आराेपितों के वादे अनुसार चिकित्सा निदेशक विभाग ने वर्क आर्डर देने के लिए नहीं बुलाया तो पीड़ित ने आपत्ति जतानी शुरू कर दी।

9 मार्च को वह आरोपियों से मिलने सचिवालय पहुंचे, लेकिन पीसी उपाध्याय व सौरभ वत्स ने उन्हें वर्क आर्डर के संबंध में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। शिकायतकर्ता ने तत्काल धनराशि वापस करने की बात कही तो आरोपियों ने कहा कि चिकित्सा सचिव अभी छुट्टी पर हैं, उनके ड्यूटी ज्वाइन करते ही आर्डर मिल जाएगा। इसके बाद आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। पीड़ित आरोपियों से मिलने सहस्त्रधारा रोड स्थित ईश रिसोर्ट पहुंचे और रुपये वापस करने को कहा तो आरोपियों ने धमकी दी कि यदि दोबारा धनराशि मांगी तो वह उसे जान से मार देंगे। पीड़ित की तहरीर पर शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पीसी उपाध्याय, सौरभ वत्स, नंदिनी वत्स, चालक शाहरुख खान, महेश माहरिया व सोनक माहरिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पूर्व में दर्ज हैं दो मुकदमे
ई-टेंडर के मामले में आरोपियों के खिलाफ पूर्व में शहर कोतवाली में दो मुकदमे दर्ज हैं। यह मुकदमे पटियाला निवासी दवा कारोबारी संजीव देव व रजत पराशर ने दर्ज कराए हैं। इन दोनों मामलों में गिरोह ने उनसे करीब चार करोड़ रुपये की ठगी की है।

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