
एसएस तोमर की रिपोर्ट
पौड़ी/ देहरादून : जिलाधिकारी पौड़ी कैप्टन सुशील कुमार मुख्यमंत्री के सपनों को साकार करने में जुटे हैं। चाहे चकबंदी का प्रकरण रहा हो या नये डेस्टिनेशन खोजने का काम, हर जगह उन्होंने अपनी विशिष्टता दिखाई है। दिन-रात सरकार की योजनाओं को पूरा करने में जुटे डीएम पौड़ी सुशील कुमार इन दिनों नए डेस्टिनेशन की खोज में लगे हुए हैं, जिसका परिणाम है नया पर्यटन स्थल खैरासैंण झील। अपने जिलाधिकारी की सराहना पौड़ी की जनता भी कर रही है। जनता का कहना है कि पहला ऐसा स्वच्छ छवि का अधिकारी आया है जो पर्वतीय क्षेत्रों की अपेक्षाओं को पूरा कर रहा है। पहाड़ का न होने के बावजूद पहाड़ की छवि को सुधारने का काम करने वाले अपने जिलाधिकारी की लोग सराहना कर रहे हैं। कृषि, पर्यटन तथा सरकारी योजनाओं को धरातल तक उतारने में कोई कोर-कसर न छोड़ने वाले सुशील कुमार का मानना है कि वह पलायन को रोकने में कारगर पहल करेंगे इसके लिए उन्होंने रोडमैप तैयार कर लिया है।

मीडिया की चकाचौंध से दूर रहने वाले इस आईएएस की कार्यक्षमता काफी प्रभावकारी है। देहरादून नगर निगम के कार्यकाल में भी उन्होंने अपनी विशिष्ट उपलब्धियां प्रदर्शित की थी। यही काम जिलाधिकारी के रूप में भी पूरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री तथा सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना तथा अपेक्षाओं को सरकार तक पहुंचाना इनकी मानसिकता में शामिल है जो पहाड़ के दर्द को समझकर उन्हें कार्यरूप में परिणित करने जैसा है।
नया पर्यटन स्थल खैरासैंण झील
उत्तराखंड पर्यटन क्षेत्रों को और विकसित करने के लिए लगातार नये-नये स्थान खोजे जा रहे हैं। इन्हीं में खैरासैंण झील भी शामिल है। इसके लिए अधिकारियों की टीम जुट गए है। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी पौड़ी कैप्टन सुशील कुमार एवं अपर आयुक्त गढ़वाल मंडल हरक सिंह रावत ने सतपुली एवं खैरासैण में झीलों के लिए चयनित जगह का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग ने मंडलायुक्त को बताया कि खैरासैंण झील की डीपीआर तैयार हो चुकी है। 66 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली झील के बैराज की ऊंचाई 12 मीटर एवं लंबाई लगभग एक किलोमीटर होगी।
अधिकारियों ने बताया कि सतपुली झील की डीपीआर तैयार हो रही है। इसके बैराज की ऊंचाई भी 12 मीटर एवं लंबाई 6 सौ से 7 सौ मीटर तक रहेगी। सतपुली झील के लिए चयनित स्थल को देखकर दिलीप जावलकर काफी उत्साहित दिखे। हालांकि पर्यटकों की दृष्टि से यह स्थान काफी संकरा है लेकिन पर्यटकों के लिए एक नया स्थान तो मिल ही जाएगा।