चम्पावत : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “नशामुक्त एवं अपराधमुक्त देवभूमि” संकल्प को धरातल पर उतारते हुए चम्पावत पुलिस ने नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 30 लाख रुपये की अवैध संपत्तियों को फ्रीज और जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चम्पावत पुलिस का नशा माफियाओं पर बड़ा वार
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन में चलाए जा रहे “ड्रग फ्री देवभूमि अभियान” के तहत थाना बनबसा में दर्ज एफआईआर संख्या 67/2025, धारा 8/21/22/29 एनडीपीएस एक्ट से जुड़े अभियुक्तों की अवैध संपत्तियों के खिलाफ ये बड़ी कार्रवाई की गई है। सक्षम प्राधिकरण SAFEMA कोर्ट, नई दिल्ली द्वारा संपत्ति जब्ती और फ्रीज करने के आदेश जारी किए गए हैं।
30 लाख रूपए की अवैध संपत्ति होगी कुर्क
बता दें कि मामला 12 जुलाई 2025 का है, जब चम्पावत पुलिस ने अभियुक्ता ईशा विश्वकर्मा के कब्जे से करीब 5.688 किलोग्राम अवैध एमडी ड्रग (मेफेड्रोन) बरामद की थी। विवेचना में खुलासा हुआ कि राहुल कुमार, कुणाल कोहली, विशाल नरेंद्र भंडारी, ओम जय गोविंद गुप्ता, उपेंद्र सुरेंद्र यादव और अमर कुमार कोहली द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के पंगरोली-सुआलेख क्षेत्र में नशीले पदार्थों का निर्माण और तस्करी की जा रही थी।
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजते हुए उनके खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए। वित्तीय जांच के दौरान अभियुक्तों के बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन और नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों का पता चला।
पैसे के साथ ही लग्जरी कारों को भी किया गया फ्रीज
कार्रवाई के तहत बैंक खातों में जमा धनराशि के अलावा स्विफ्ट डिजायर और एमजी हेक्टर जैसी लग्जरी कारों को भी फ्रीज किया गया है। जब्त संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही है। विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन संपत्तियों की नीलामी भी की जाएगी।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक कमलेश भट्ट और महिला आरक्षी अंकिता पाठक की भूमिका सराहनीय रही। चम्पावत पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति किसी भी स्थिति में बख्शी नहीं जाएगी और जनपद को नशामुक्त बनाने के लिए कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।



