देहरादून- श्री बदरीनाथ मंदिर के कपाट 10 मई को ब्रह्म मुहूर्त में प्रात 4 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। बसंत पंचमी पर्व पर नरेंद्र नगर स्थित राजा के महल में राजपरिवार ने विधि विधान के साथ पूजा पाठ कर भगवान बदरीनाथ के कपाट खोलने की तिथि घोषित की। ग्रह नक्षत्रों को देखते हुए तीर्थ पुरोहितों से विचार विमर्श के बाद राजा मनुजेंद्र शाह की उत्तराधिकारी रानी सीरजा ने कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की। 10 मई को 4 बजकर 15 मिनट के शुभमहूर्त पर भगवान बदरी विशाल के कपाट खोले जाएंगे। बता दें कि नरेंद्रनगर राजघराने से गाडू घड़ा (तेल कलश) बदरीनाथ पहुंचाया जाता है। फिर इसी तेल से भगवान बदरीनाथ का दीपक जलाया जाता है। इसके बाद विधि विधान से बदरीनाथ के कपाट खोले जाते हैं। बदरीनाथ धाम की परंपरा में टिहरी के राजा को बोलंदा बद्रीश का प्रतीक माना जाता है यानी बोलते हुए बद्री भगवान। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की परंपरा है कि बसंत पंचमी के दिन ही यह तय किया जाता है कि मंदिर के कपाट किस दिन खुलेंगे और शुभ मुहूर्त क्या होगा।

