
इस साल का मतलब 2018 का पहला सूर्यग्रहण 15 फरवरी को होगा. इससे पहले 31 जनवरी को इस साल और सदी का पहला और बड़ा चंद्रग्रहण देखा गया था. इस ग्रहण के दौरान 152 साल बाद बहुत दुर्लभ संयोग बना, इस रात चांद 30 फीसदी ज़्यादा चमकीला था. इसके साथ ही अलग-अलग देशों में सुपर मून, ब्लड मून और ब्लू मून एक साथ देखे गए थे.
अब आया है सूर्यग्रहण, जो कल की रात यानी 15 फरवरी को पड़ेगा, जिस वजह से यह कई देशों में सूर्य नहीं दिखाई देखा.इस साल 2018 में पांच ग्रहण होंगे, जिसमें से 3 सूर्यग्रहण और 2 चंद्रग्रहण हैं. 15 फरवरी 2018 को पहला सूर्यग्रहण है. इसके बाद दूसरा सूर्यग्रहण 13 जुलाई 2018 और तीसरा सूर्यग्रहण 11 अगस्त 2018 को होगा. वहीं, पहला चंद्रग्रहण 31 जनवरी 2018 को था और दूसरा चंद्रग्रहण 27-28 जुलाई 2018 को होगा.
ग्रहण का समय?
यह ग्रहण 15 फरवरी (गुरुवार) की रात 12.25 मिनट से शुरू होकर 16 फरवरी सुबह 4.18 तक रहेगा. पर सूतक काल ग्रहण के लगभग 12 घंटे पहले यानी 15 फरवरी सुबह 11.35 पर शुरू हो जाएगा. सूर्यग्रहण अमावस्या के दिन होता है जबकि चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन पड़ता है.

कहां दिखेगा सूर्यग्रहण?
भारतीय समय के अनुसार यह सूर्यग्रहण रात के समय में है, इसी वजह से यह भारत में नहीं दिखेगा. यह दक्षिण अमेरिका, अंटार्कटिका, उरुग्वे और ब्राजील जैसे देशों में देखा जाएगा वहीँ अंटार्कटिका में यह अधिक देखा जाएगा.
क्या होता है सूर्यग्रहण?
पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमने के साथ-साथ अपने सौरमंडल के सूर्य के चारों ओर भी चक्कर लगाती है. दूसरी ओर, चंद्रमा दरअसल पृथ्वी का उपग्रह है और उसके चक्कर लगता है, इसलिए, जब भी चंद्रमा चक्कर काटते-काटते सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तब पृथ्वी पर सूर्य आंशिक या पूर्ण रूप से दिखना बंद हो जाता है. इसी घटना को सूर्यग्रहण कहा जाता है.
यह एक प्रकार की खगोलीय स्थिति है, जिनमें सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी तीनों एक ही सीधी रेखा में आ जाते हैं. इससे चांद सूर्य की उपछाया से होकर गुजरता है, जिस वजह से उसकी रोशनी फिकी पड़ जाती है.





