वृहद्धस्तर पर मनाया जाएगा हरेला पर्व, अधिकारियों को 2 पौध प्रति परिवार उपलब्ध कराये जाने हेतु दिए गए निर्देश।

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देहरादून – जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में मुख्य विकास अधिकारी झरना कमठान ने जनपद में हरेला पर्व को वृहद्धस्तर पर मनाये जाने तथा जनसहभागिता के साथ पौधारोपण एवं वृक्षों के संरक्षण के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की गई।

मुख्य विकास अधिकारी ने सम्बन्धित रेखीय विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे लक्ष्य निर्धारित करते हुए अपने-अपने चिन्हित किये गए क्षेत्रान्तर्गत (सार्वजनिक स्थानों) पर वृक्षारोपण करेंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हरेला पर्व की थीम ‘पर्यावरण की रखवाली, घर-घर हरियाली, लाये समृद्धि और खुशहाली’ रखी गई है, जिसके लिए वृक्षारोपण एवं वनों के संरक्षण हेतु विभिन्न स्तरों पर जनभागीदारी सुनिश्चित किये जाने हेतु कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे। हरेला पर्व पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, स्थानीय निकायों / संस्थानों/जिला विकास प्राधिकरणों / आर० डब्लू०ए०/एन०जी०ओ०/वन पंचायतें तथा जनमानस की सहभागिता से वृहद वृक्षारोपण किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी ने जनपद के अन्तर्गत इस पर्व / अभियान के आयोजन हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय सभी सम्बन्धित विभागों, वन विभाग, कृषि, जलागम, शहरी विकास, आवास, ग्राम्य विकास, उद्योग, पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों की एक आयोजन समिति का गठन किया गया है।
उन्होंने निर्देशित किया कि सभी क्रियान्वयन विभागों के साथ-साथ आर्मी / कैन्ट, आईटीबीपी,एनसीसी, होमगार्ड, पीआरडी, एसएचजी के साथ बवदअमतहमदबम के द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाना है।  इस वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारम्भ / समापन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति सुनिश्चित की जायेगी, साथ ही कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले ग्रामसभा/ग्राम पंचायत के सदस्यों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जायेगा। जनप्रतिनिधियों, विद्यालयी छात्रों, स्थानीय निकायों / संस्थाओं तथा जनमानस की सहभागिता से वृहद वृक्षारोपण किया जायेगा।
इस हेतु जनपद स्तर पर प्रभागीय वनाधिकारी को पौध वितरण के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है। स्थानीय निकायों / संस्थाओं, विद्यालयों, जनप्रतिनिधियों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं को निःशुल्क पौध वितरण की अधिकतम सीमा जनपद स्तरीय समिति द्वारा जनपद में पौध की उपलब्धता को दृष्टिगत रखते हुए निर्धारित की जायेगी। हरेला पर्व के अन्तर्गत मुख्य रूप से फलदार प्रजाति के 50 प्रतिशत एवं चारा प्रजाति के पौधों को रोपित किया जायेगा और इनका रखरखाव सम्बन्धित विभाग, स्थानीय ग्रामीणों, सम्बन्धित लाभार्थियों वन पंचायतों, महिला / युवा मंगल दलों के माध्यम से कराया जाय। हरेला पर्व के अन्तर्गत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का वृहद प्रचार-प्रसार सभी संभव माध्यमों से किया जायेगा ताकि आम जनमानस में वन एंव वन्य जीवों के संरक्षण संवर्द्धन हेतु जन जागरूकता वृद्धि कर आगामी वर्षों में इस कार्यक्रम को एक स्वप्रेरणा से अभियान के रूप में क्रियान्वयन किया जा सके। हरेला कार्यक्रम के दौरान सम्बन्धित विभागों द्वारा 02 पौध प्रति परिवार के अनुसार पौध उपलब्ध कराये जाने हेतु सम्बन्धित जनपद स्तरीय विभागीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे। कार्यक्रम के प्रथम तीन दिवसों 50 प्रतिशत् पौध रोपित किया जाना प्रस्तावित है।

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