चंपावत : बरसात के मौसम से पहले डेंगू और मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के साथ व्यापक रणनीति तैयार की गई। बैठक में आगामी संक्रमण काल को देखते हुए जनपद में डेंगू एवं मलेरिया नियंत्रण के लिए विशेष एक्शन प्लान लागू करने पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए गांवों और शहरी क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
डेंगू-मलेरिया को लेकर प्रशासन अलर्ट
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है और इसका खतरा सामान्यतः जुलाई से नवंबर तक अधिक रहता है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच माह से जनपद में नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है तथा जिला चिकित्सालय में एलाइजा जांच किट उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा डेंगू मरीजों के उपचार के लिए 22 आइसोलेटेड बेड की व्यवस्था भी की गई है।
चंपावत में पूरे जिले में चलेगा विशेष स्वच्छता अभियान
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से साफ पानी में पनपने वाले मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि कूलर, पुराने टायर, गमले, पानी की टंकियों और खुले बर्तनों में पानी जमा न होने दिया जाए। उन्होंने नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को संभावित स्थलों की नियमित सफाई कराने तथा सोर्स रिडक्शन अभियान चलाने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष फॉगिंग अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। नगर पालिकाओं को जून से सितंबर तक नियमित फॉगिंग और कूड़ा डंपिंग जोन में कीटनाशक छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा गया है।
डेंगू से बचाव के लिए चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
विद्यालयों में भी डेंगू से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि स्कूल परिसरों में जलभराव न होने दिया जाए और बच्चों को डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए। बैठक में बताया गया कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए जनपद में रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) का गठन किया गया है, जो किसी भी संदिग्ध मामले में त्वरित जांच, उपचार और निगरानी करेगी।

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