चंपावत : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध चंपावत जिले को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। इसी क्रम में लोहावती नदी पर स्थित कोलीढेक झील को आधुनिक पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप करीब 16 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना पर कार्य तेजी से चल रहा है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि परियोजना के तहत पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एक रेस्टोरेंट का निर्माण किया गया है। वहीं, झील की खूबसूरती बढ़ाने के लिए आकर्षक आर्च ब्रिज, कुमाऊंनी शैली की पटाल एवं कॉबलस्टोन सड़कें तथा पर्यटकों के मनोरंजन के लिए लाइट एंड साउंड शो की व्यवस्था भी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि देवदार के घने जंगलों से घिरी कोलीढेक झील प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ लुप्तप्राय गोल्डन महाशीर सहित कई महत्वपूर्ण मछली प्रजातियों के संरक्षण का प्रमुख केंद्र भी बन चुकी है। वर्तमान में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर 60 नावों का संचालन कराया जा रहा है, जिससे नौकायन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस परियोजना से आसपास के क्षेत्रों में होटल, होमस्टे और स्थानीय व्यवसायों को भी नई गति मिली है। भविष्य में यहां आयुष वेलनेस सेंटर स्थापित करने की योजना है। साथ ही पूरे क्षेत्र को ‘विवेकानंद सर्किट’ से जोड़कर विकसित किया जा रहा है, जिससे चंपावत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान बना सके। जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
चंपावत की कोलीढेक झील बनेगी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन हब, ₹16 करोड़ की परियोजना से बदलेगी तस्वीर….
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