देश में गणेश उत्सव कों बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 13 सितंबर से शुरू होने जा रहा है जो 10 दिनों तक चलेगा। इस दिन लोग अपने घरों और कामकाज वाली जगहों पर गणेश जी की स्थापना करते हैं। भगवान गणेश सभी देवों में सबसे पहले पूजे जाने वाले देवता है। इसलिए गणपति की स्थापना से पहले कई जरूरी चीजों का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि पूजा का पूरा फल मिल सके। आइए जानते हैं, भगवान गणेश जी स्थापना करते समय किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए। गणेश जी का स्थापना में वास्तु का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इनकी मूर्ति को पूर्व- उत्तर दिशा में बैठना शुभ होता है। भूलकर भी दक्षिण पश्चिम कोण पर इनकी स्थापना नहीं करनी चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर पर भगवान गणेश जी की दो या उससे अधिक मूर्तियों को एक साथ नहीं रखना चाहिए।
इससे अशुभ माना जाता है, क्योंकि दो मूर्तियों की ऊर्जा आपस में एक साथ टकराने से अशुभ फल मिलता है। भगवान गणेश जी की मूर्ति का मुख दरवाजे की तरफ नहीं होना चाहिए, क्योंकि गणेश जी मुख की तरफ समृद्धि, सुख और सौभाग्य होता है, जबकि पीठ वाले हिस्से पर दुख और दरिद्रता का वास होता है। भगवान गणेश जी की मूर्ति को घर पर लाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि गणेश जी की सूंड बांयी तरफ होना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इस तरह की मूर्ति की उपासना करने पर जल्द मनोकामना पूरी होती है। पुराणों के अनुसार, गणेश जी की पीठ के दर्शन करना अशुभ होता है, क्योंकि गणेश जी की पीठ पर दरिद्रता का निवास होता है। मान्यता है कि इसके दर्शन करने से व्यक्ति का दुर्भाग्य आता है। इसलिए घर या कामकाज वाले स्थान पर गणेश की पूर्ति लगते समय ध्यान रखें कि उनकी पीठ बाहर के हिस्से की तरफ होनी चाहिए।