
देहरादून। उत्तराखंड उन लोगों के सॉफ्ट टारगेट पर है जो यहां की बच्चियों को नर्क में धकेल रहे है। इसके ‘हिन्दू ही आगे संगठन’ अब जागरूक हो गया है। संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अधिवक्ता अमित तोमर का मानना है कि उत्तराखंड से से लगभग प्रतिदिन 8-10 बच्चियां लापता हो रही है जिनका कोई सुराग पुलिस नही लगा पाती क्योंकि अधिकांश बच्चियां ऐसे गरीब परिवारों से आती है जिनके परिजन कोर्ट तो छोड़ो पुलिस चौकी की दहलीज भी नही चढ़ सकते और जो एक-आध मामला प्रकाश में आता है उसमें पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर लेती है पर सही विवेचना शायद ही एक-दो मुकदमों में होती हो, वो भी उनमें जिनमे परिजन चौकी-थानों के चक्कर काटते है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है जब उत्तराखंड से हजारों की संख्या में बच्चियां गायब हो और कोई संज्ञान नहीं लेता।

इसी संदर्भ में आज 4 जून को संगठन द्वारा सरकार को जगाने का प्रयास किया गया। ‘हिन्दू ही आगे’ संगठन की ओर से प्रधानमंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से एक पत्र भेजा गया जिसकी प्रतिलिपि प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की गई है। प्रात: काल ‘हिन्दू ही आगे संगठन’ के कार्यकर्ता नगर निगम में एकत्र हुए और मौन जुलूस निकाला। मौन जुलूस निकालने के पीछे भी संगठन का अपना महत्वपूर्ण तर्क। श्री तोमर बताते हैं कि मौन जुलूस निकालने से तमाम समस्याएं नहीं होगी। उनका कहना है कि मौन पत्र यात्रा मार्ग में दून अस्पताल स्थित है, शोर-शराबे से मरीजों को काफी परेशानी होगी जिसके कारण संगठन द्वारा मौन जुलूस निकाला और सरकर को ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में कहा गया है कि पुराने आंकड़े खंगाले जाए तो लगभग 90 प्रतिशत बच्चियां इस्लामी धर्मान्तरण का शिकार हो चुकी है। पिछले हफ्ते दो बच्चियों ने आत्महत्या कर ली। इसके बाद प्रशासन की आंखें नहीं खुल रही है। प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य विजेन्द्र बॉबी के अलावा एक दर्जन प्रमुख अधिवक्ता भी इस कार्यक्रम में शामिल थे जिनमें अमित तोमर, संदीप खत्री, गोविंद वाधवा, शशि कपूर, रंजीत ठाकुर, प्रभात शर्मा, जगदीश भट्ट, कृपाल सिंह समेत तमाम लोग उपस्थित थे। पांच सूत्रीय ज्ञापन में कहा गया है कि नेशनल क्राइम ब्यूरो उत्तराखंड के अनुसार मानव तस्करी में आगे है। माननीय उच्च न्यायालय की कठोर हिदायत के बाद भी मामलों की विवेचना ठीक तरह से नहीं हो पा रही है। वधू तस्करी के मामलों में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। इस्लामी कट्टरपंथी संगठनों द्वारा धर्मान्तरण व जबरन निकाह कराना बढ़ रहा है। उच्च न्यायालय द्वारा राज्य बनाम सरताज खान मामले के निर्देशों की अवहेलना की जा रही है। यह स्थितियां काफी गंभीर है।
हिन्दू ही आगे संगठन के अधिवक्ता अमित तोमर का कहना है कि सरकार इस संदर्भ यदि कारगर निर्णय नहीं लेती तो संगठन इस संदर्भ में जन जागरण का विशेष अभियान चलाएगी और समाज को जागरूक करेगा ताकि बेटियों का दुरुपयोग करने वाले या तो अपना रास्ता बदल दें या उत्तराखंड छोड़ दें।
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