Homeराज्यउत्तराखण्डप्रस्तावित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर बनेगी देश की सबसे लम्बी सुरंग!

प्रस्तावित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर बनेगी देश की सबसे लम्बी सुरंग!

क्या आप जानते है की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर देश में अब तक की सबसे लंबी सुरंग बनने जा रही है। जिसकी लंबाई 15 किलोमीटर होगी। अभी तक भारतीय रेलवे जम्मू-कश्मीर में ही सबसे लंबी रेल सुरंग बना पाया है, जो सवा ग्यारह किलोमीटर लंबी है। एशिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क भारतीय रेलवे के खाते में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के साथ ही एक उपलब्धि और जुड़ जाएगी।
भारतीय रेलवे की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अपने आप में कई मायनों में अनूठी है। 125 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर कुल 16 सुरंगें और 16 पुल बनने हैं। बड़ी बात यह कि इस रेल लाइन पर देश में अब तक की सबसे लंबी सुरंग बनने जा रही है। जिसकी लंबाई 15.100 किलोमीटर होगी। देश में अब तक सबसे लंबी रेल सुरंग उत्तर रेलवे ने जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2013 में तैयार की थी। जबकि, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की बात करें तो यहां प्रस्तावित 16 सुरंगों में से पांच सुरंग नौ किलोमीटर से भी लंबी हैं। इसके अलावा छह सुरंगें छह से नौ किलोमीटर तक लंबाई की हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर इसी वर्ष नंवबर-दिसंबर में काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
छह किमी से लंबी सुरंग में बनेगी निकासी सुरंग
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की एक और खासियत यह है कि इस पर रेल सिर्फ 20 किलोमीटर का सफर ही खुले आसमान के नीचे तय करेगी। बाकी रेल लाइन का 105 किलोमीटर हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा। इस रेल लाइन पर छह किलोमीटर व इससे अधिक लंबाई की प्रत्येक सुरंग पर एक निकासी सुरंग भी बनाई जाएगी। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच प्रस्तावित 18 सुरंगों में से 11 सुरंगों की लंबाई छह किलोमीटर से अधिक है। इन सभी के साथ निकासी सुरंगें बनाई जानी हैं, जो आपात स्थिति में काम आएंगी।
रेल यात्रियों को महसूस नहीं होगी घुटन
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर जब यात्री 105 किलोमीटर का सफर 18 सुरंगों से तय करेंगे तो यहां उन्हें किसी भी तरह की घुटन महसूस नहीं होगी। इन सुरंगों में वेंटीलेशन की पर्याप्त व्यवस्था होगी। वेंटीलेशन सिस्टम पूरी तरह से आधुनिक व तकनीकी से लैस होगा। प्रत्येक सुरंग का डायमीटर आठ से दस फीट का होगा।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर प्रस्तावित सुरंग
ढालवाला से शिवपुरी-10.850 किमी
शिवपुरी से गूलर-6.470 किमी
गूलर से व्यासी-6.720 किमी
व्यासी से कौड़ियाला-2.200 किमी
कौड़ियाला से बागेश्वर-9.760 किमी
राजचौरा से पौड़ी नाला-220 मीटर
पौड़ी नाला से सौड़ (देवप्रयाग)-1.230 किमी
सौड़ से जनासू-15.100 किमी
लछमोली से मलेथा-2.800 किमी
मलेथा से नैथाणा (श्रीनगर)-4.120 किमी
श्रीनगर से परासू (धारी)-9.000 किमी
परासू से नरकोट-7.080 किमी
नरकोट से तिलनी-9.420 किमी
तिलनी से घोलतीर-6.460 किमी
घोलतीर से गोचर-7.160 किमी
रानो से सिवई-6.400 किमी
 ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर 18 सुरंगों के लिए भूगर्भीय सर्वेक्षण हो चुका है। सुरंग निर्माण के लिए टीबीएम (टनल बोङ्क्षरग मशीन) व एनएटीएम (न्यू आस्ट्रीयन टनलिंग मैथड) से काम किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में अब तक की सबसे बड़ी रेल सुरंग का निर्माण करने वाले इंजीनियर व विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।
Vision Desk 3
Vision Desk 3http://vision2020news.com/
उत्तराखंड ताज़ा समाचार - Vision 2020 News gives you the Latest News, Breaking News in Hindi.Uttarakhand News, Dehradun News, Latest News, daily news, headlines, sports, entertainment and business from Uttarakhand, India.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular