हरिद्वार- पतंजलि में तीन और चार नवंबर को पहली बार ज्ञान कुंभ का आयोजन होने जा रहा है। ज्ञान कुंभ में देश के 862 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के अलावा अभी तक 17 शिक्षा मंत्री शामिल होने की सहमति हो चुकी है। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने हरिद्वार के पतंजलि में होने वाले ज्ञान कुंभ के बाबत समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों से सुझाव भी मांगे। मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि तीन और चार नवंबर को होने वाले ज्ञान कुंभ से एक दिन पहले प्रदर्शनी का आयोजन होगा। इसमें प्रदेश के शैक्षिक परिदृश्य के साथ ही सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी। तीन नवंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इसका शुभारंभ करेंगे। चार नवंबर को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। वहीं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ज्ञान कुंभ में दोनों दिन मौजूद रहेंगे। महाकुंभ में 1900 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इसमें एनआईटी, आईआईटी, आईआईएम के निदेशकों के अलावा देश के ‘ए’ ग्रेड कॉलेजों के प्राचार्य भी शामिल होंगे। ज्ञानकुंभ के सफल आयोजन के लिए अपर मुख्य सचिव डॉ. रणबीर सिंह की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। ज्ञान कुंभ के संयोजक श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ. उदय सिंह रावत हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. रणबीर सिंह, अपर सचिव आर राजेश कुमार, ज्योति नीजर खैरवाल, कुलपति प्रो. पीयूषकांत दीक्षित, प्रो. सीएस नौटियाल मौजूद रहे।
