
वास्तु एक विज्ञान भी है और एक कला भी| अथर्व वेद से जुड़ी स्थापत्या वेद मे इस का मूल है| वास्तु याने रहने की जगह और इस वास्तु शास्त्र मे है नियम जो दिशाओ से जुड़ी है और पाँच तत्वों से भी मनुष्य के भीतर वही तत्त्व है जो बाहर है और अगर वो अपना घर और रहने और जीने का ढंग अगर दिशा और तत्वो से संरेखित करे तो घर मे, कुटुम्ब मे और खुद मे शांति और सुख होगा| आज के हालत मे यह तो मुमकिन नहीं है की हर कोई वास्तु के नियम अनुसार घर बना सके तो घर मे कोई ना कोई वास्तु दोष रह जाता है मगर वास्तु मे वास्तु दोष निवारण के लिए भी वास्तु टिप्स है जिस से यह दोष का असर कम कर सके| फिलहाल वास्तु शास्त्र टिप्स जानिए और यह घर वास्तु टिप्स हो सके वहाँ तक अपनाए।
वास्तु डिरेक्शन्स यानि वास्तु दिशा का बहुत ध्यान रखे
- वास्तु टिप्स फॉर होम के अनुसार से घर बाँधने के लिए प्लॉट खरीदे तो उससे संबंधित वास्तु का ज्ञान प्राप्त करे जो 400 वास्तु टिप्स की किताब से मिलेंगे
- प्लॉट के लिए दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम और पश्चिम दिशा उत्तम है
- प्लॉट मे पश्चिम और दक्षिण के भाग का स्तर ऊँचा हो यह ध्यान मे रखे
- अनार, अशोक, चंपा और चमेली के पौधे खुल्ले में उगाए
- घर की और उस के अंदर के रचना की बात आई तो वास्तु फॉर होम के नियम अपनाये
- घर वास्तु टिप्स मे सब से महत्व की बात है मुख्य द्वार जो उत्तर- पूर्व, उत्तर या पूर्व दिशा मे हो और द्वार के उपर एक स्वास्तिक का चिह्न जरूर रखे
- लिविंग रूम वास्तु टिप है की यह घर के अंदर उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा मे हो
- बेडरूम को दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण या पश्चिम भाग मे रखे और बेड को उत्तर-दक्षिण दिशा मे रखे ऐसे की सोते समय सर हमेशा दक्षिण की और रहे
- शयन कक्ष मे आईना ना रखे और रखे तो बेड से दूरी पर और रात को कपड़े से ढँक दे यह बेडरूम के लिए वास्तु टिप्स वश्य ध्यान मे रखे
- घर वास्तु टिप्स मे रसोई घर हमेशा दक्षिण-पूर्वी भाग मे हो या तो उत्तर-पश्चिम या पूर्व दिशा मे हो
- रसोई घर मे दवाई ना रखे
- रसोई घर मे ग्ॉस को दक्षिण-पूर्व स्थान जो अग्नि स्थान है वहाँ पर स्थित करे
- रसोई में काम करते समय चेहरा पूर्व की और रखे
- वास्तु शास्त्र अनुसार बाथरूम और टाय्लेट हमेशा उत्तर-पश्चिमी भाग मे रखे या तो पश्चिम या दक्षिण भाग में|
- कोई वास्तु दोष रह जाए तो वास्तु दोष निवारण के लिए हर साल या हर तीन साल श्री गणेश पूजा ज़रूर करे
- घर मे नमक के क्रिस्टल्स का कटोरा रखे और ताजे नींबू को एक ग्लास पानी मे रखे जो हर हफ्ते या हर रोज बदलते रहे
- दक्षिण दिशा मे सीढ़ी रखे, कभी भी उत्तर दिशा मे नहीं
- घरेलू वास्तु टिप्स मे पानी का स्थान बहुत महत्पूर्ण है|
- अंडरग्राउंड पानी का टैंक हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा मे हो
- ओवरहेड टैंक हमेशा पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा मे रखे
- वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा उत्तम है तिजोरी के लिए और बाल्कनी के लिए
- उत्तर-पूर्व दिशा पूजा स्थान है और यहाँ मंदिर स्थापित करे जो दीवार से थोड़ी दूरी पर रखे
- घर के अंदर हर एक कमरे का स्थान है और ऐसे ही घर के हर एक कमरे मे हर एक चीज़ भी सोच समझ कर रखनी चाहिए
- घर मे कचरा और बिना ज़रूरी समान ना रखे और फ़ौरन निकाल दे
- भारी समान हमेशा कमरे के दक्षिण दीवार के साथ सटा के रखे
- कमरे के उत्तर और पूर्वी दीवार हो सके इतनी खाली रखे या हल्के समान रखे
- खिड़की और दरवाजे को अड़चन रूप हो ऐसा कोई समान ना सजाए| घर के दक्षिण और पश्चिम दीवारो पर आईना ना रखे
- कभी भी बीम के नीचे बेड ना रखे और बीम को ढक दे फॉल्स सीलिंग से और बैम्बू के पोल बीम के आजू बाजू खड़े कर दे
- भारतीय वास्तु शास्त्र के अनुसार लिविंग रूम और बेडरूम सही दिशा मे स्थापित ना कर सके तो हर रोज इन कमरो मे ताजे फूलो का गुलदस्ता रखे तो दोष निवारण होगा
- फर्नीचर के लिए यह है की हमेशा साल, शीशम या साग के लकड़ी से बनाए
- हर एक कमरे का दरवाजा पूर्व की और हो
- घर में काम करे या पढ़ाई तो चेहरा हमेशा पूर्व या उत्तर की और रखे
