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संस्कृत ही माध्यम, अनुशासन ही आधार: केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में नए नियम लागू

देवप्रयाग: केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में इस साल से छात्रों और शिक्षकों के लिए कई सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं। परिसर में अब सभी को संस्कृत भाषा में ही बात करनी होगी। यह नियम विश्वविद्यालय को पूरी तरह संस्कृतनिष्ठ और अनुशासित बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

अब शनिवार और रविवार की छुट्टियों की जगह चंद्र कैलेंडर के अनुसार प्रतिपदा, अष्टमी, अमावस्या और पूर्णिमा को अवकाश दिया जाएगा। छात्रावास में रहने वाले छात्रों को हर दिन सुबह 4:30 बजे उठना अनिवार्य होगा। रात 9 बजे सभी छात्रों के मोबाइल फोन जमा कर लिए जाएंगे और उन्हें अगली सुबह 8 बजे वापस दिए जाएंगे।

सभी छात्रों को निर्धारित यूनिफॉर्म पहनकर विश्वविद्यालय आना होगा। वहीं छात्रावास उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जो सभी नियमों का पालन करने के लिए तैयार होंगे। हॉस्टल में रहने के लिए अब मेरिट, अनुशासन और घर से दूरी को आधार बनाया जाएगा। जो छात्र परिसर से 20 किलोमीटर के अंदर रहते हैं, उन्हें हॉस्टल की सुविधा नहीं मिलेगी। इस बार केवल 550 छात्रों को ही छात्रावास में जगह दी जाएगी, जबकि कुल क्षमता 570 है।

नए नियम केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए भी हैं। पुरुष शिक्षकों को अब धोती या पजामा-कुर्ता और महिला शिक्षिकाओं को साड़ी या सलवार-सूट पहनकर आना होगा।

परिसर निदेशक प्रोफेसर पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने बताया कि ये सभी बदलाव विश्वविद्यालय को एक अनुशासित, पारंपरिक और संस्कृतनिष्ठ शिक्षा केंद्र बनाने के लिए किए जा रहे हैं। नया शैक्षणिक सत्र 16 जून से शुरू होगा और उसी दिन से ये सभी नियम लागू हो जाएंगे।

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