उत्तराखण्ड : हाल ही में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में यह बात सामने आई है कि रोजाना छह घंटे से कम सोने वाले लोगों में मोटापा, तनाव और मधुमेह जैसी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं। यह रिसर्च अमेरिका की नेशनल स्लीप फाउंडेशन द्वारा जारी की गई है।
मुख्य निष्कर्ष:
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नींद की कमी से हार्मोनल असंतुलन होता है, जिससे भूख बढ़ती है।
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लगातार नींद पूरी न होने से कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है।
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इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस भी विकसित हो सकता है, जो डायबिटीज का कारण बनता है।
स्वस्थ जीवनशैली के सुझाव:
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रोज़ाना 7 से 8 घंटे की नींद लें।
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सोने से पहले मोबाइल या टीवी स्क्रीन से दूरी बनाएं।
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संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें।
लाइफ़ कोच की सलाह:
मुंबई की वेलनेस एक्सपर्ट सोनाली शर्मा कहती हैं, “लाइफस्टाइल की छोटी आदतों में सुधार करके बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है — जैसे समय पर सोना, हाइड्रेटेड रहना और तनाव मैनेजमेंट।”
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