Chamoli Tunnel Accident: चमोली के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मौके पर चल रहे राहत एवं बचाव अभियान का स्थलीय निरीक्षण किया और टनल के अंदर जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने बचाव अभियान में जुटी विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत कर अब तक की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टनल में फंसे शेष श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

टनल के अंदर जाकर सीएम धामी ने लिया रेस्क्यू का जायजा
मुख्यमंत्री धामी ने टनल के अंदर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की स्थिति को करीब से देखा। उन्होंने रेस्क्यू टीमों से मौके पर आवश्यक जानकारी ली और अभियान में आ रही चुनौतियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उपलब्ध संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का अधिकतम इस्तेमाल करते हुए रेस्क्यू अभियान को पूरी गंभीरता और सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
22 में से 19 लोग बाहर, 3 की तलाश जारी
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को हादसे की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टनल में कुल 22 लोगों के फंसे होने की जानकारी थी। इनमें से 19 लोगों को अब तक सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 3 लोगों की तलाश अभी भी जारी है।
अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में अब तक 7 लोगों की दुखद मृत्यु की सूचना है। लापता तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।

3 किलोमीटर लंबी है टीआरटी टनल
यह टनल टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का हिस्सा है। टीआरटी टनल की कुल लंबाई करीब 3 किलोमीटर बताई गई है।
हादसे के दौरान टनल के करीब 1.50 किलोमीटर हिस्से में भू-धंसाव के कारण मलबा और पानी भरने की स्थिति पैदा हुई। इसके चलते टनल के अंदर काम कर रहे श्रमिकों के लिए स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई।
घायलों का गोपेश्वर अस्पताल में इलाज जारी
रेस्क्यू कर बाहर निकाले गए घायल श्रमिकों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है। अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों की टीमें घायलों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। साथ ही श्रमिकों के परिजनों को भी आवश्यक सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
रेस्क्यू अभियान में जुटी कई एजेंसियां
टनल हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने सभी एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि अभियान को पूरी सावधानी के साथ संचालित किया जाए और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए लापता श्रमिकों तक जल्द पहुंचने का प्रयास किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
सीएम धामी ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव अभियान के साथ-साथ घटनास्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं, घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों की सहायता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान काबीना मंत्री एवं प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री हरक सिंह, पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
इस दौरान आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।