देहरादून{शैली श्रीवास्तव}- उत्तरकाशी में मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के आरोपियों कों फांसी की मांग कों लेकर जहां पूरा उत्तराखंड़ आंदोलन कर रहा है वहीं अब कांगेस ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दें दिया है। कांग्रेस का कहना है यदि अपराधी न पकड़े गए तो 27 अगस्त से कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेंगी। वहीं इन सात दिनों में कांग्रेस मासूम की याद में रोजाना विरोध-प्रदर्शन और श्रद्धांजलि कार्यक्रम करेगी। कांग्रेस ने सरकार से बच्ची के परिजनों को दस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी की है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि 21 अगस्त कों इस मुद्दे पर कांग्रेस राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगी। साथ ही कल शाम को मासूम बच्ची की याद में कैंडिल मार्च भी निकाला जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी में मासूम बच्ची के साथ जो जधन्य अपराध हुआ है, उसने पूरी मानवता को शर्मसार कर दिया है। यह ठीक उसी तरह से है जैसे दिल्ली में निर्भया और कश्मीर में कठुवा में हुआ है। इतनी बड़ी ह्दयविदारक घटना के बावजूद प्रदेश की सरकार ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देने अपने एक प्रतिनिधि तक को नहीं भेजा। सभी लोग हरिद्वार में पार्टी के बडे नेताओं के सामने चेहरा दिखाने के लिए परेड़ करते रहे। इसी प्रकार दून में बारिश में एक ही परिवार के पांच से ज्यादा लोगों की मौत के वक्त भी सरकार का असंवेदनशील चेहरा दिखाई दिया था। तब भी सरकार के मंत्री-विधायक ने आने की जरूरत नहीं समझी। इसी ठीक सरकार की नाक के नीचे राष्ट्रीय दृष्टि बाधितार्थ संस्थान (एनआईवीएच) में दिव्यांग बच्चों के शोषण की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। आए दिन इस प्रकार के अपराध हो रहे हेँ और सरकार मशीनरी हाथ पर हाथ धरे बैठी है। सरकार इतनी संवेदनहीन है कि लोगों को सहायता देना तो बहुत दूर की बात है इस सरकार के पास तों उनके आंसू पौंछने तक का वक्त नहीं है।