
देहरादून। कोर्ट गलत आरोपों पर काफी सख्त है। इसका प्रमाण ईवीएम पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाले व्यक्ति पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाना है। गत विधानसभा चुनाव में हरिद्वार ग्रामीण में ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था जिसका प्रकरण न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकल पीठ द्वारा सुना गया। चरण सिंह नामक ने यह आरोप लगाया था जिस पर पहले 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया लेकिन राशि न जमा कराने पर उसे बढ़ा कर एक लाख कर दिया गया।
उत्तराखंड विधानसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़े थे। इनमें हरिद्वार ग्रामीण से स्वामी यतीश्वरानंद जीते थे। इसके बाद वहीं के एक व्यक्ति चरण सिंह ने ईवीएम पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय नैनीताल में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता के आरोपों को सही न पाते हुए न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह ने याचिकाकर्ता पर पहले पचास हजार और बाद में एक लाख का जुर्माना ठोक दिया है।
