देहरादून {शैली श्रीवास्तव}- इंटरनेट के समय में अब केंद्र सरकार ने किसानों को भी ई-बैंकिंग सेवा से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए सहकारी बैंकों को नेट एवं मोबाइल बैंकिंग से जोड़ा जा रहा है। इससे बैंक के उपभोक्ताओं को ई-बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने को प्रेरित किया जाएगा। अगले कुछ महीनों में योजना शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। दरअसल, ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में सहकारी बैंकों का कामकाज अधिक है। इन बैंकों के अधिकांश उपभोक्ता किसान एवं ग्रामीण हैं। इसलिए इन बैंकों में नेट बैंकिंग सेवाएं शुरू नहीं हो पाई। लेकिन, अब बदलते वक्त में सहकारी बैंकों में भी नेट बैंकिंग के साथ ही मोबाइल बैंकिंग की सेवाओं की जरूरत महसूस होने लगी है। इसमें किसान इंटरनेट के माध्यम से दूसरे बैंक खाते में मनी ट्रांसफर, ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेंगे। इसके साथ-साथ उन तमाम सेवाओं का लाभ भी मिलेगा, जो अन्य बैंकों में उपलब्ध हैं। इसकों लेकर प्रदेश में जल्द ही पांच नए सहकारी बैंकों की स्थापना की जाएगी। ये बैंक पिथौरागढ़, रुद्रपुर, रुद्रप्रयाग, काशीपुर, नैनीताल में खोले जायेगें।
