आज यानि शनिवार के दिन शनैश्चरी अमावस्या का शुभ संयोग बनता दिख रहा है। अमावस्या के दिन शनिवार हो ऐसा संयोग बहुत कम बनता है। 18 नवंबर यानि आज प्रातः 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक अमृत योग बन रहा है। माना जाता है कि इस योग में शनिदेव की विधि-विधानपूर्वक उपासना से सुख, समृद्धि, संपत्ति, शांति, संतान और आरोग्य सुख मिलता है और सारे कष्ट दूर होते हैं। जिनके ऊपर शनि दोष है उनके लिए तो यह दिन उन लोगों के लिए बेहद खास है ।
इस दिन असहाय और गरीब व्यक्ति की सेवा करने से शनि की कृपा मिलती है। शनि अमावस्या के दिन पीपल की जड़ में जल चढ़ाएं और शनिदेव को खुश करने के लिए शनिदेव के बीज मंत्र का पाठ करें। इस दिन किसी शनि मंदिर में काले तिल, लोहे के पात्र आदि दान करें। शनि अमावस्या की शाम को घर के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
शनि अमावस्या के दिन शनि देव को खुश करने के लिए आप ॐ भानुपुत्राय नम:, ॐ धनदाय नम:, ॐ मन्दचेष्टाय नम:, ॐ क्रूराय नम:, ॐ मन्दाय नम: आदि मंत्रों का उच्चारण करें।
शुभ मुहुर्त: शनि अमावस्या का शुभ मुहुर्त सुबह 7 बजे से लेकर रात 9 बजे तक है।


