
हालही में फिल्म पद्मावती रिलीज होने को है लेकिन विवाद थमता नही दिख रहा है। सवाल यह है कि विरोध-प्रदर्शन के बीच फिल्म रिलीज होगी भी या नहीं अभी यह कहना मुश्किल है। लगातार करणी सेना ने सिनेमाघर जलाने, जान से मारने की धमकी देने पर आतुर है।
अब जब फिल्म पर इतना बवाल हो ही गया है तो ये भी जान लेते हैं कि आखिर रानी पद्मावती थीं कौन और वो रहती कहाँ थी, जहां रानी रहती थी वो जगह कैसी दिखती थी।

इतिहासकरो कि माने तो इतिहास में इस नाम का कोई किरदार था ही नहीं बल्कि ये तो मात्र हिन्दी साहित्य ‘पद्मावत’ का एक काल्पनिक चरित्र थीं। आपको जानकर हैरानी होगी कि 16वीं शताब्दी में मलिक मुहम्मद जायसी द्वारा लिखे गए पद्मावत में पद्मावती का जिक्र तो मिलता है।राजस्थान की पाठ्य पुस्तकों में और कई ऐतिहासिक पुस्तकों में रानी पद्मावती के जौहर की कहानियां पढ़ने को मिलती हैं। चित्तौड़ के किले में आने वाले पर्यटकों को वह स्थान दिखाए, बताए और समझाए जाते हैं जहां पर सुल्तान खिलजी ने उन्हें देखा था और जहां रानी पद्मावती ने महिलाओं के साथ जौहर किया था।रानी पद्मावती का महल चित्तौड़गढ़ में बना हुआ है, जहां महल में रानी के साथ रियासत की सबसे खूबसूरत महिलाएं रहती थीं। गौरतलब है कि रानी पद्मिनी महल का उल्लेख 13वीं शताब्दी में राजा रतन सिंह के दौर से होता आ रहा है, लेकिन इससे पहले इसका कहीं भी उल्लेख नहीं है।रानी के महल की सुंदरता बढ़ाने के लिए इसे पानी के बीच बनाया गया है। चित्तौड़गढ़ में बने एक मंदिर में पद्मावती यानी पद्मिनी की एक मूर्ति भी स्थापित है, जो रानी का अस्तित्व मौजूद होने का दावा करती है। चित्तौड़ के किले में ही रानी पद्मावती ने जौहर किया था।
Профессиональная школа английского для детей YES Center приглашает учеников от дошкольников до подростков. Игровые методики, опытные преподаватели и небольшие группы создают идеальные условия для обучения. Ребёнок заговорит уверенно и без страха ошибиться.