
कहते हैं घूमना अपने आप में एक मेडिटेशन हैं और ये मेडिटेशन आखिर किसको पसंद न होगा . और अगर यही मेडिटेशन किसी शांत जगह में किया जाये तो जिंदगी का मज़ा आ जाए !! जी हाँ, वैसे तो घूमने का शौक बहुतों को होता है पर घूमने का कष्ट बहुत ही कम लोग करते हैं. या यू कहे की बहाने ज्यादा याद आ जाते हैं जैसे, पैसे नहीं हैं, टाइम नहीं है, फ्रीडम नहीं है और भी कई बातें. पर थोड़ा कष्ट तो करना पड़ेगा अगर ये वाला मेडिटेशन करना है तो, हालाँकि शांति तो नहीं मिलेगी पर सुकून बहुत मिलेगा..

तो आज हम पलटेंगे उत्तराखंड की खूबसूरती का एक और पन्ना..
वैसे तो उत्तराखंड में गर्मियां सिर्फ 3-4 महीने ही रहती हैं. यहां ठण्ड और बर्फ का रिश्ता काफी मजबूत है. ऊँचे ऊँचे आसमान छूते सफ़ेद चमकीले पहाड़, मीलों दूर तक फैली सफ़ेद बर्फ की चादर दूर दूर तक दिखते बर्फीली चोटियों के दिलकश नज़ारे ! नहीं, हम स्विट्ज़रलैंड की बात नहीं कर रहे हैं और न ही आपको स्विट्ज़रलैंड जाने की जरुरत है. हम बात कर रहे हैं औली की जो की उत्तराखंड में है.

औली को भारत का स्विट्ज़रलैंड भी कहा जाता है. मतलब ये की आप स्विटरलैंड के बेहद करीब रहते हैं. नजदीकी रेलवे स्टेशन हरिद्वार से लगभग 275 किलोमीटर दूर है जोशीमठ, और जोशीमठ से 16 किलोमीटर दूर है औली . उत्तराखंड के सबसे उपरी भाग पर स्थित औली भारत का सबसे बड़ा स्कीइंग स्थल है जो कि लगभग 3 किलोमीटर लंबा ढलान है.

वैसे तो यहाँ हर समय तापमान 0 डिग्री से नीचे रहता है मगर फ़िर भी यहाँ आने के लिए दिसम्बर से मार्च तक का समय ठीक रहता है.
यहाँ ढलानों के रख रखाव के लिए मशीने भी है जो ढलानों पर पपड़ी नही ज़मने देती और उन्हें व्यवस्थित रखती हैं. और गढ़वाल विकास निगम द्वारा स्कीइंग प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलते हैं.

अगर आप लोग यहां आएं तो यहाँ के 3048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चारागाह, जिसे यहाँ की स्थानीय भाषा में बुग्याल कहा जाता है, देखना न भूलें. कहते हैं अमेरिका के बुग्याल के बाद यहां का बुग्याल अपनी सुंदरता के लिए विश्व प्रसिद्द है. इसकी प्राकृतिक सुन्दरता देखते ही बनती है. यहाँ से हिमालय का नजारा इतना अदभुत दिखता है कि आप देखते ही रह जाएँगे, यहाँ पर स्कीइंग की सुविधा भी उपलब्ध है.

तो फ़िर देर किस बात की जल्दी औली जाने का प्रोग्राम बनाइये और भारत में ही स्विट्ज़रलैंड का मजा ले. यकीन मानिये यह के सामने स्विट्ज़रलैंड की खूबसूरती भी बौनी पड़ जाएगी और आपको एक बार फिर उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता से प्यार हो जायेगा.
