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14 ‘फर्जी’ बाबाओं की लिस्ट हुई जारी : कोई था नौकर तो, किसी के चलते थे बीयर बार !!

 

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने 14 बाबाओं को फर्जी बताकर लिस्ट जारी कर दी है. इलाहाबाद में अखाड़ा परिषद की कार्यकारिणी की बैठक में जारी की गई लिस्ट में कई स्वयंभू बाबाओं के नाम हैं. इस लिस्ट में आसाराम उर्फ आशुमल शिरमानी, सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां, सचिदानंद गिरी उर्फ सचिन दत्ता, गुरमीत राम रहीम, ओम बाबा उर्फ विवेकानंद झा, निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह, इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी, स्वामी असीमानंद, ऊं नम: शिवाय बाबा, नारायण साईं, रामपाल, खुशी मुनि, बृहस्पति गिरि और मलकान गिरि आदि नाम शामिल हैं, जिनकी संख्या 14 है.

आइए जानें इन स्वयंभू बाबाओं का किन विवादों से है नाता? अखाड़ा परिषद ने इन्हें क्यों घोषित किया फर्जी?

आसाराम : आसाराम ने अपने धर्म की दुकान गुजरात के अहमदाबाद से शुरू की. धर्म का सहारा लेकर इन्होंने अरबों का साम्राज्य खड़ा किया है. साल 2013 से ये नाबालिग शिष्या से रेप के आरोप में जेल में बंद हैं. इनपर आरोप है कि ये आशीर्वाद देने के नाम पर नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण और बलात्कार करते थे. हालांकि अब तक इनपर आरोप सिद्ध नहीं हो पाया है.

राधे मां:

खुद की देवी बताने वाली सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां का विवादों से पुराना नाता है. ये भक्तों की गोद में बैठने तक के पैसे लेती हैं. चार अप्रैल 1965 में पंजाब के जिले गुरुदासपुर के दोरंगला गांव में जन्मीं सुखविंदर कौर पति की खराब आर्थिक हालत के चलते मुंबई में दूसरे के घरों में काम करती थीं. महज 10वीं तक पढ़ी राधे मां की 17 साल उम्र में शादी हुई थी. कुछ साल पहले इन्होंने खुद को महंत घोषित कर दिया था. इनपर खुदकुशी के लिए उकसाने जैसे गंभीर मामले चल रहे हैं.

सचिदानंद गिरी:

नोएडा और गाजियाबाद में रियल एस्टेट के साथ बीयर बार-पब जैसे कारोबार से जुड़े रहने वाले सचिन दत्ता उर्फ सचिदानंद अचानक से बाबा बन गए. आरोप है कि इन्होंने धोखे से निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर बन गए. इनके दीक्षा दिलाने के अवसर पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए गए थे, तत्कालीन सपा सरकार के कद्दावर मंत्री शिवपाल सिंह यादव भी उसमें शरीक हुए थे.

गुरमीत राम रहीम:

सिरसा के डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम हाल ही में रेप के मामले में सजा हुई हैं. 15 अगस्त 1967 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में जन्मे राम रहीम 1990 में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बने. ये खुद को रॉकस्टार बाबा के रूप में प्रस्तुत करते रहे. इन्होंने फिल्मों में भी लगातार अभिनय किया और काफी मोर्डर्न किस्म के बाबा रहे. गुरमीत राम रहीम शिष्या से रेप के दोषी हैं, इसके अलावा पत्रकार और सेवादार की हत्या मामले में भी आरोप हैं.

ओम बाबा:

एक न्यूज चैनल पर बहस के दौरान मारपीट करने और टीवी रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में अपनी बेहुदा हरकतों के चलते ओम बाबा सुर्खियों में आए. टाडा आर्म्स एक्ट केस के चलते ओमजी स्वामी पांच साल जेल में सजा काट चुके हैं. साल 1972 में उन्होंने साधु का रूप धारण किया. उन्होंने बताया कि दिल्ली के मोतीबाग में कांग्रेस की सेक्रेटरी रहीं रानी प्रेमलता के यहां ही बाबा साधु बने. ओम पर चोरी, ठगी जैसे अन्य कई आरोप हैं.

निर्मल बाबा:

टीवी चैनलों पर निर्मल बाबा काफी लोकप्रिय हैं. ये ऊटपटांग उपाय बताकर लोगों की समस्याएं सुलझाते हैं. झारखंड के वरिष्ठ राजनेता इंदर सिंह नामधारी के मुताबिक निर्मल बाबा उनके रिश्तेदार हैं. निर्मल बाबा इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं और इनपर आय से अधिक संपत्ति समेत कई मामले दर्ज हैं.

भीमानंद महाराज:

1988 में दिल्ली के नेहरु प्लेस स्थित एक 5स्टार होटल में गार्ड की नौकरी करने वाले भीमानंद अचानक से बाबा बन गए. 12 साल में भीमानंद ने करोड़ों की संपत्ति बना ली थी. इनपे कथित तौर पर सेक्स रैकेट चलाने और चीटिंग करने के आरोप थे जिसके चलते ये जेल भी जा चुके हैं. भीमानंद उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के चमरौहा गांव के रहने वाले हैं. स्वामी भीमानंद खुद को साईं बाबा का अवतार बताते रहे. इनका असली नाम असली नाम शिव मूरत द्विवेदी है.

असीमानंद:

मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हुगली के रहने वाले असीमानंद का असली नाम नब कुमार है. वे 1990 से 2007 के बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ी संस्था वनवासी कल्याण आश्रम के प्रांत प्रचारक प्रमुख रहे. इन्होंने शबरी माता का मंदिर बनाया और शबरी धाम स्थापित किया. ये अजमेर दरगाह में 2007 में हुए विस्फोट मामले में आरोपी रहे. स्वामी असीमानंद को अजमेर, हैदराबाद और समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामलों में 19 नवंबर 2010 को उत्तराखंड के हरिद्धार से गिरफ्तार किया गया था.

बृहस्पति गिरि:

उत्तर प्रदेश में अलखनाथ ट्रस्ट के कई मंदिर हैं. बृहस्पति गिरि पर आरोप है कि इन्होंने जालसाजी से अलखनाथ ट्रस्ट के मंदिरों पर अधिकार हासिल करने की कोशिश की. इनपर अलखनाथ ट्रस्ट के पूर्व महंत धर्म गिरि की हत्या के आरोप लगते रहे हैं.

नारायण साईं:

आसाराम के बेटे नारायण साईं भी खुद को महंत घोषित कर चुका है. नारायण साईं पर यौन शोषण और हत्या के आरोप हैं. ये भी लंबे समय तक जेल में रह चुके हैं.

रामपाल:

स्वयं को भगवान बताने वाले रामपाल इन दिनों जेल में कैद हैं. हरियाणा के सोनीपत के गोहाना तहसील के धनाना गांव में पैदा हुए रामपाल हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर थे. स्वामी रामदेवानंद महाराज के शिष्य बनने के बाद नौकरी छोड़ प्रवचन देना शुरू किया था. बाद के दिनों में कबीर पंथ को मानने लगे और अपने अनुयायी बनाने में जुट गए. रामपाल के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज है. 2006 में रामपाल पर हत्या का केस दर्ज हुआ था.

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने कहा कि परिषद की कोशिश यह है कि 2019 में होने वाले अगले अर्धकुंभ में इन फर्जी बाबाओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाए.

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