ATM Fraud: उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को गिरफ्तार किया है, जो एटीएम पर आने वाले ग्राहकों को बातों में उलझाकर क्लोरोफार्म सुंघाकर बेहोश कर देता था और फिर उनके डेबिट कार्ड बदलकर खातों से रकम निकाल लेता था। गिरोह में फर्नीचर और मूर्ति व्यापारी भी शामिल था।
ATM Fraud: गाजियाबाद के फर्नीचर और मूर्ति व्यापारियों का चौंकाने वाला चेहरा सामने आया है। ये लोग एटीएम में आने वाले ग्राहकों को बातों में उलझाकर क्लोरोफॉर्म सुंघाते और बेहोश कर देते थे। होश गवांते ही उनका डेबिट कार्ड बदलकर खाते से रुपये निकाल लेते थे। पुलिस ने इस गिरोह के दो सरगना समेत कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 52 डेबिट कार्ड, दो तमंचे, चार कारतूस, 5930 रुपये नकद, चार मोबाइल और एक कार बरामद की गई है।
कैसे करते थे वारदात?
एसीपी हरीपर्वत अक्षय संजय महाडिक ने बताया कि 5 अगस्त को रुनकता निवासी समीर भाभी सिकंदरा स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम पर पहुंचे थे। तभी दो युवक आए, उन्हें बातों में उलझाया और कपड़े में क्लोरोफॉर्म सुंघाकर बेहोश कर दिया। फिर उनका डेबिट कार्ड बदलकर 20 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से स्कूटर की पहचान कर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
सरगना निकले फर्नीचर और मूर्ति कारोबारी
मुख्य आरोपी सोहिल और अमन दसवीं पास हैं। एक फर्नीचर और दूसरा मूर्ति का काम करता है। पूछताछ में बताया कि व्यापार से खर्च नहीं निकलता था, इसलिए वारदात को अंजाम देते थे। इनकी टीम में शामिल अन्य आरोपी—खालिद (दूध सप्लायर), फराज (टैक्सी चालक) और हारून (प्रेस वाला)—भी साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर सहित अन्य राज्यों में भी इसी तरह की घटनाएं कर चुके हैं।
शिकार बनते थे कम पढ़े-लिखे लोग
गिरोह का टारगेट अक्सर वे लोग होते थे जो तकनीक से कम परिचित और सतर्कता से दूर रहते थे। यह गिरोह आमतौर पर एटीएम के आसपास मंडराता, अकेले आने वाले लोगों पर नजर रखता और फिर वारदात को अंजाम देता।
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