
पौड़ी- पहाडों में पारम्परिक तौर से होली को मनाने के लिये होली आने से पहले ही इन दिनों होली के होल्यारों की टोली पौड़ी जिले के कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का रूख कर पहाडी वेशभूषा और पहाडी होली नृत्यों के जरिये लोगों को पारम्परिक होली के झलकियां दिखा रही है… जिससे लोग अपने परम्परा की तरफ लौट सके और आने वाले समय में इन्ही परम्पराओं के अनुसार पहाडी त्योहारों को मना पायें… होली के होल्यारों का दल पिछले 8 सालों से पहाड की पारम्परिक होली की इस संस्कृति को बचाने के लिये निरंतर प्रयास कर रहा है… जिसमें सफेद पोशाक और काली टोली पहनकर होली के होल्यारों का दल पहाडी होली गायन और नृत्य संग इस पहाडी वेशभूषा में इसी तरह से होली को मना रहा है, और होली के लिये चंदा भी एकजुट कर रहा है…आपको बता देंकी हर साल होली आने से चंद दिन पूर्व बाजारों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पहाड की पारम्परिक की तरफ आकृषित करने के लिये इस पारम्परिक होली के रंग बिखेरे जा रहे हैं…पहाडी अंदाज में मनायी जा रही सतपुली से होली के होल्यारों का दल जहां 8 सालों से इस परम्परा की तरफ लोगों का ध्यान बंटा रहा है तो वहीं जिले के राठ क्षेत्र के लोग भी इस कवायद में जुटे हैं और सफेद पोशाक संग बाजारों में होली के गायन और नृत्यों में झूम कर लोगों को उसी होली की याद दिला रहे हैं… जो नये कल्चर की होली में नजर नहीं आते, ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि पौराणिक संस्कृति को धरोहर की तरह सजोने के लिये इसका संरक्षण जरूरी है इसलिये हर त्योहरों को पहाडी परम्परा अनुसार लोग जरूर मनाये…