जेल से लोगों की रिहाई के बारे में तो आपने अच्छे से सुना है, पर क्या कभी आपने जानवरों की रिहाई के बारे में भी सुना है. जी हां, खबर उत्तर प्रदेश के जालौन के उरई जेल की है। इस जेल से आठ गधों को रिहा किया गया. इन गधों ने जेल के बाहर लगे पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाया था. इसी जुर्म में इन्हें 24 नवंबर को जेल में बंद किया गया था.सबसे सुस्त और दुनिया की सारी साजिशों से परे, अपनी धुन में रहने वाले प्राणी गधे भी क्या कभी अपराधी हो सकते हैं जी हां, इसकी बानगी देखने को मिली है यूपी के उरई जेल, जंहा आठ गधों को तीन दिन जेल में रखने के बाद बाकायदा जमानत पर रिहा किया गया।
जेल सुपरिटेंडेंट सीताराम शर्मा के अनुसार कुछ ही दिन पहले तकरीबन 5 लाख रुपए के पेड़ मंगाए थे। जिन्हें जेल परिसर में लगाया जाना था, लेकिन बाहर घूम रहे इन गधों ने पेड़ पौधों को तहस-नहस कर दिया। सीताराम शर्मा का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया, जिससे पशु मालिकों को सबक मिल सके और वे आवारा पशु खुले में नहीं छोड़ें. मामले में पशु मालिक को बार-बार चेतावनी दी गई थी लेकिन वह गधों को पौधे नष्ट करने के लिए वहीं छोड़ गया था. फिलहाल मालिक से एफिडेविट लेकर आठ गधों को रिहा कर दिया गया है ।