
देहरादून। पर्यटन क्षेत्र में यदि आपकी रूचि है तो साहसिक पर्यटन के लिए पुन: द्वार खोल दिए गए है। इसके लिए पर्यटन विभाग ने रिवर रॉफ्टिंग क्याकिंग(संशोधन) नियमावली 2018 व फुट लांच एयरो स्पोर्ट्स (पैरा ग्लाइडिंग सहित) नियमावली 2018 को जारी कर दिया है। इस नियमावली के जारी होने से उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा राफ्टिंग पर लगाए गए प्रतिबंध समाप्त हो जाएगा। साहसिक खेलों को बढ़ावा देने वाली इस नई नियमावली में राफ्टिंग का संचालन स्थानीय लोग ही कर सकेंगे।
पिछले कुछ दिन पहले उच्च न्यायालय नैनीताल ने स्पष्ट प्रावधान न होने के कारण नदियों को नुकसान होने का कारण लेकर राफ्टिंग पर प्रतिबंद लगा दिया था। जिसके कारण यह नई नियमावली बनी है। इस नई नियमावली में हर नदी में विशेष अभियानों को मंजूरी देने का प्रबंधन किया गया है। साथ ही साथ ही राफ्ट को ढोने वाली गाड़ियों को नदियों से 100 मीटर दूर ही रोकने को कहा गया है। सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर की ओर से नई व संशोधित नियमावली को जारी कर दी गई है। इसमें कहा गया है कि रॉफ्टिंग तकनीकी समिति नदियों के दोनों किनारों पर रॉफ्टों को नदी में उतारने व निकालने वाले स्थानों का चिन्हीकरण करेगी। हर राफ्ट ऑपरेटर को राफ्टिंग की दर को अपने स्वागत कक्ष, वेबसाइट और ब्रोशर में अनिवार्य रूप से दिखाना होगा। पर्यटकों को नशे की हालत में रॉफ्टिंग कराना, पूरी तरह प्रतिबंधित होगा ताकि दुर्घटना की संभावना न रहे। इतना ही नहीं पैराग्लाइडिंग को लेकर नई नियमावली बनाई गई है इसमें भी कठोर प्रावधान किया गया है। इन नियमों के अनुसार पैराग्लाइडिंग संचालकों की शैक्षणिक योग्यता का निर्धारण केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप ही किया जाना है। इसके साथ ही नई समिति नए पैराग्लाइडिंग स्थानों की भी पहचान करेगी।