पूर्व दिशा को मान-सम्मान, शक्ति, नियंत्रण, संगठनात्मक कौशल, सामाजिक जुड़ाव, धन और कई अन्य महत्वपूर्ण गुणों वाला दिशा ज़ोन भी कहा जाता है। ये सूर्य की शक्ति वाला जोन है जो हमें रोशनी और जीवन देता है। पूर्व दिशा में किसी भी प्रकार का कट या फैलाव लोगों की निर्णय लेने की शक्ति का ह्रास करता है। इस दिशा जोन का रंग हरा है तथा तत्व वायु है। पूर्व कॉरिडोर में 2 प्रवेश द्वार होते हैं जिनको पूर्व 4 और पूर्व 5 कहते हैं। शासन प्रबंध, शक्ति, धन, मान-सम्मान इन्ही द्वारों से संचालित होते हैं। 2 वास्तु देवता इन द्वारों के स्वामी हैं। महेंद्र देवता पूर्व 4 द्वार का स्वामी है। पूर्व 4 का द्वार व्यापार और नौकरी दोनों के लिए बहुत ही भाग्यशाली द्वार माना जाता है। गर्दन का दांया हिस्सा इसी से संचालित होता है। ये मान सम्मान का दरवाज़ा है। महेंद्र देवता वरुण और यम में संतुलन पैदा करता है।
दूसरे देवता पूर्व दिशा जोन में सूर्य हैं जिनका नियंत्रण पूर्व 5 द्वार पर है। ये द्वार पूर्व 4 के अपेक्षा थोड़ा कम भाग्यशाली है। यही वास्तु देवता हमें रौशनी, संगठनात्मक शक्ति और दूरदृष्टि देता है। हमारे दांये कंधे का ख़याल भी यही देवता रखता है। पर इस द्वार वाले घर के वासी गुस्से वाले होते हैं। यहाँ पर अगर शौचालय बना हो तो मान सम्मान को काफी चोट लगती है। यहाँ पर ज़्यादा बैठने से ऑफिस प्रमुख का अपने कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं रहता है।
इस दिशा जोन के लिए उपयोगी वास्तु टिप्स:
1- इस दिशा जोन में अगर घर की बैठक हो तो बहुत अच्छी मानी जाती है। यहाँ पर खेलने का स्थान, लाउन्ज, खाने की मेज़ लाभदायक होती है।
2- यहाँ पर शौचालय हो तो व्यक्ति लोगों पर नियंत्रण खो देता है।
3 – पूर्व 4 के द्वार वाले घरों में रहने वाले निवासियों को यह उच्च पद प्रदान करता है।
4- सामाजिक कनेक्ट या जुड़ाव यहाँ पर बहुत सशक्त हो जाता है।
5- पूर्व 4 द्वार वाले निवासी शक्तिवान होते हैं तथा उनका समाज में बहुत प्रभाव होता है।
6- पूर्व 5 द्वार वाले घरों के निवासी गुस्सा बहुत करते हैं।
7- इस दिशा जोन में एक पीतल का सूर्य लगाएं इस से मान सम्मान और धन में वृद्धि होगी।
8- हल्का क्रीम और नारंगी रंग इस दिशा जोन में अच्छा माना जाता है।
9- दफ्तर के कर्मचारी अगर पूर्व की ओर देख कर कार्य करें तो उनकी कार्यकुशलता बढ़ती है। ये सेहत के लिए भी अच्छा है।
10- पूर्व की और देखकर पढ़ना भी लाभदायक होता है।