
देहरादून। भले ही प्रदेश में भाजपा सरकार आ गई है लेकिन माओवादी गतिविधियां अब नहीं थम रही है। 2004 में हुई गिरफ्तारी के बार जनपद ऊधमसिंह नगर में साहित्य के साथ दो माओवादी गिरफ्तार किए गए थे, जिनमें से एक 2004 से वांछित तथा 10 हजार हजार का इनामी था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सदानंद दाते ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि दो अभियुक्त हिरासत में लिए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार सीओ हिमांशु शाह को सितारगंज में माओवादियों की जानकारी मिली थी। 3 जून को आनंदपुर मोड़ के पास किच्छा कोतवाली में दो लोग संदिग्ध पाए गए। जिन पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हिरासत में लिया।
इनमें रमेश भट्ट ऊर्फ मनीष मास्टर ऊर्फ दिवाकर भट्ट ऊर्फ भट्ट निवासी दुमका बंगर हल्दूचौड़ जनपद नैनीताल तथा दूसरे व्यक्ति की पहचान मनोज कुमार सिंह ऊर्फ अरविंद सिंह पुत्र रतन सिंह जिला चंदोली उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। इन दोनों के पास प्रतिबन्धित माओवादी साहित्य, पुस्तके एवं पम्पलेट बरामद की गयी एसएसपी दाते के अनुसार मनीष मास्टर उर्फ रमेश भट्ट पूर्व में 2004 व 2007 में पंजीकृत माओवादी सम्बन्धी अपराध में वांछित एवं 10,000 रू का ईनामी अपराधी है।
वरिष्ठ पुलिस के अनुसार उक्त दोनो व्यक्ति लम्बे समय से माओवादी गतिविधियो में शामिल रहें है और ये उत्तराखण्ड जोनल कमेटी के सक्रिय सदस्य रहें है। वर्ष 2003-2004 के दौरान सोफुटिया हंसपुर खत्ता थाना चोरगलिया जनपद नैनीताल में चलाये गये माओवादी कैम्प में ये दोनों लोग शामिल रहें तथा पुलिस की दबिश के उपरान्त बच निकलने में कामयाब रहे। कैम्प में रमेश भट्ट आम जनता को माओवादी विचारधारा के प्रति जागृत कर भड़काने एवं जनवादी सरकार कायम करने के प्रति उकसाता था। अरविन्द उर्फ मनोज समस्त कैम्प का संयोजन, व्यवस्थापन एंव मास्टर माइंड रहा रमेश भट्ट थाना नानकमत्ता पर पंजीकृत एफ0आई0आर0 नम्बर 709/04 धारा 121/121ए/124ए/120बी भादवि एवं 3222/07 धारा 121/121ए/124ए/153बी/120बी भादवि व 10/20 विधि विरूद्ध क्रिया कलाप अधिनियम में वांछित था। इनके द्वारा वर्ष 2005 में हुये मधुबनी बिहार में नक्सली हमले में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया गया तथा इस दौरान ‘ऑपरेशन धमाका’ के अन्तर्गत थाना मधुबनी पूर्वी चम्पारन जिला मोतीहारी बिहार में एक साथ 300 माओवादियों द्वारा 09 स्थानों, जिनमें पुलिस स्टेशन, सांसद आवास, ब्लॉक आदि शामिल है।
उक्त दोनो माओवादियों को तराई क्षेत्र, विशेषकर संगठित एंव असंगठित मजदूरों को माओवादी विचारधारा के प्रति उकसाने एवं शामिल करने की जिम्मेदारी दी गयी। उन्होंने कहा इनके द्वारा इसी रणनीति के अन्तर्गत अलग अलग फैक्ट्री में काम करके मजदूर असंतोष को बढ़ाने का कार्य किया जा रहा था। इस कामयाबी पर अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने 10,000 रुपए पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊ पूरन सिंह रावत ने 10000 रुपए और एसएसपी उधमसिंहनगर दाते ने 5000 रुपए का ईनाम घोषित किया है।