देहरादून/मसूरी – मसूरी नगर पालिका परिषद द्वारा मसूरी में वेंडर जोन के नाम पर अनधिकृत रूप से सड़क किनारे दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मसूरी में वेंडर जोन बनाये जाने की घोषणा का हवाला दिया जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री घोषणा के तहत कोई भी योजना नियम विरुद्ध नहीं होती है। मसूरी नगर पालिका परिषद् के द्वारा मसूरी के विभिन्न क्षेत्रों में बनाई जा रहे वेंडर जोन बिना संबधित विभाग की अनुमति नही ली गई है। मसूरी पेट्रोल पंप किक्रेग के पास पालिका द्वारा 19 दुकानों का निर्माण करा दिया गया है। जिसका लोक निर्माण विभाग, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण और राष्ट्रीय राजमार्ग के द्वारा चालान कर दिया गया है। वह तत्काल दुकानों को हटाने के लिए नगर पालिका को कहा गया है।
तीनों विभागों के द्वारा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद मसूरी को मसूरी पेट्रोल पंप किक्रेंग कार पार्किंग के निकास गेट के बाहर बड़ा बैंड की भूमि पर अतिक्रमण कर दुकानों का निर्माण किए जाने को लेकर आपत्ति दर्ज की है। आपको बता दें कि पूर्व में एसडीएम मसूरी द्वारा नगर पालिका परिषद, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सड़क किनारे अनाधिकृत रूप से बनाई गई दुकानों को जेसीबी के माध्यम से ध्वस्त कर सड़क को खाली कराया गया था। परंतु नगर पालिका प्रशासन द्वारा उन्हीं जगहों पर वेंडर जोन के नाम पर दुकानें बनाकर एक बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है, जिसकी लगातार शिकायत की जा रही है। परंतु लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा मात्र नोटिस देकर इतिश्री कर दी गई है जबकि सभी विभाग द्वारा जिला अधिकारी और उप जिला अधिकारी को पत्र लिखकर इस दुकानों के निर्माण के बाद क्षेत्र को खतरा होने की संभावना बता रहे हैं और हटाने की मांग कर रही है। परंतु सवाल उठता है कि जब दुकानों का निर्माण शुरू हुआ था तब यह विभाग के अधिकारी कहां सो रहे थे और जब दुकाने निर्माण कर दी गई है।
जिलाधिकारी देहरादून सोनिका सिंह ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए कहा है कि एसडीएम मसूरी को निर्देशित किया गया है कि पूरे अनाधिकृत रूप से बन रही दुकानों का निरीक्षण करें और अगर दुकाने नियम विरुद्ध है तो उस पर तत्काल कार्रवाई करें। यह देखना होगा कि आखिर नगर पालिका द्वारा नियमों के विपरीत बनाई जा रही दुकानों पर कब कार्रवाई होती है।



