यूपीसीएल बोर्ड की बैठक में राज्य में बिजली की दरें 13,5% बढ़ाने का प्रस्ताव पास होने के बाद कांग्रेस को सरकार को घेरने के लिए एक और बड़ा मुद्दा मिल गया है जहां कांग्रेस इस बहाने सरकार को घेर रही है तो वहीं सत्तासीन पार्टी इसे रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है। गौरतलब है की राज्य में बिजली की दरों को साढ़े 13 प्रतिशत बनाने की तैयारी है सोमवार को ऊर्जा निगम की बोर्ड बैठक में यह फैसला किया गया प्रस्तावित टैरिफ का प्रस्ताव अब विद्युत नियामक आयोग को भेजा जाएगा जिस पर नियामक आयोग अंतिम फैसला लेगा दरअसल ऊर्जा निगम मुख्यालय में सोमवार को नई बिजली दरों को लेकर हुई बोर्ड बैठक में ऊर्जा निगम प्रबंधन ने पावर सप्लाई सिस्टम को सामान्य बनाने के लिए अधिक खर्च का हवाला दिया था उनका तर्क था कि बिजली की दरें खर्च की उपेक्षा बहुत कम है। बिजली की दरों में बढ़ोतरी की खबर के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने प्रदेश सरकार के खिलाफ हमला बोलते हुए कहा कि यह बहुत दुख की बात है जब भाजपा चुनाव में उतरी थी तब उन्होंने बहुत सारे वादे किए थे और कहा था अटल जी ने राज्य बनाया मोदी जी संवारेंगे जनता ने इसी आस के साथ प्रचंड बहुमत दिया 57 विधायक दिए लेकिन 8 महीने में मौजूदा सरकार ने बहुत सारे जनविरोधी बातें की चाहे वह किसानों की ऋण माफी का हो या फिर एनएच 74 का मामला हो 8 महीने में इस सरकार ने पांचवीं बार बिजली के दाम में बढ़ोतरी करने की बात कर रही है अब सोचिए कि 5 साल में यह सरकार जनता को कहां ले जा करके छोड़ेगी। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता के आरोपों पर जवाब देते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता वीरेंद्र बिष्ट ने कहा कि कांग्रेस को पहले खुद के गिरेबान में झांकना चाहिए और तब इस तरह के आरोप लगाने चाहिए हम जनता को 24 घंटे बिजली देना चाहते हैं यह एक प्रक्रिया के तहत किया गया है ।
बिजली की दरों को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा – भाजपा ने कहा यह रूटीन प्रक्रिया
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