बड़ी खबर : सोमवार को कोर्ट से बलात्कारी बाबा गुरमीत राम रहीम को दो अलग-अलग रेप केस के मामलों में 20 साल की सजा सुनाए जाने के बाद आज एक और ‘ढोंगी बाबा’ का नंबर लग सकता है। हरियाणा के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम संचालक संत रामपाल की जिन पर चल रहे चार में से दो मामलों में हिसार कोर्ट आज करीब ढाई बजे के करीब सजा का ऐलान कर सकती है।
संत बनने की शुरुआत में रामपाल सोनीपत और रोहतक में मोटरसाइकिल पर माइक्रोफोन से अपने उपदेश का प्रचार-प्रसार किया करता था। इसके अलावा वह अपनी वीडियो भी रिकॉर्ड करवाता था। रामपाल के समर्थक ज्यादार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से थे। उन्हीं की मदद से उसने अपना प्रभाव और साम्राज्य बढ़ाया। इसके बाद संत रामपाल के अनुयायियों की संख्या बढ़ती चली गई। 2006 में स्वामी दयानंद की लिखी एक किताब पर संत रामपाल ने एक टिप्पणी की। आर्यसमाज इस टिप्पणी से नाराज हो गया। आर्य समाज और रामपाल समर्थकों में हिंसक झड़प हुई। इसमें एक महिला की मृत्यु हुई। झड़प के बाद पुलिस ने रामपाल को हत्या के मामले में हिरासत में लिया। हलाकि इस मामले में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी
दरसल पिछले सप्ताह संत रामपाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर नंबर 201, 426, 427 और 443 के तहत पेशी हुई थी। कोर्ट ने एफआईआर नंबर 426 और 427 का फैसला सुरक्षित रख लिया था। हरियाणा पुलिस ने संत रामपाल पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और आश्रम में जबरन लोगों को बंधक बनाने का मामला दर्ज किया था। आपको बतादे कि कबीर पंथी विचारधारा के समर्थक संत रामपाल दास देशद्रोह के एक मामले में इन दिनों हिसार जेल में बंद हैं। गौरतलब है कि बरवाला में हिसार-चंडीगढ़ रोड स्थित सतलोक आश्रम में नवंबर 2014 में सरकार के आदेश के बाद पुलिस ने आश्रम संचालक रामपाल के खिलाफ कार्रवाई की थी। पुलिस ने रामपाल को 20 नवंबर 2014 को गिरफ्तार किया था।