
देहरादून । शराब के ठेकों पर सरकारी राजस्व की लूट के सोशल मीडिया के समाचारों पर आबकारी अधिकारी मनोज उपाध्याय का कहना है कि बकायेदार बकाया देने के बजाय अधिकारियों को आंखें दिखा रहे हैं। जिसके कारण सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे समाचार चलाये जा रहे हैं जो उचित नहीं है। श्री उपाध्याय ने शुक्रवार को विशेष जानकारी देते हुए बताया कि कुछ ठेकेदारों पर सरकार का जुलाई और अगस्त का करीब 1 करोड़ 74 लाख रूपये बकाया है जिसे अदा नहीं किया जा रहा है और न ही विभागीय नोटिसों का कोई जवाब दिया जा रहा है। ऐसे ही लोग अनावश्यक भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।
आबकारी अधिकारी मनोज उपाध्याय का कहना है कि ठेका धारकों द्वारा खुद सरकारी राजस्व की चोरी की जा रही है और आरोप अधिकारियों पर मढ़े जा रहे हैं । उन्होंनें बताया कि यह शराब ठेका अनुज्ञापी शिखा अग्रवाल के नाम है जिस पर जुलाई माह का 70 लाख और अगस्त माह का 87 लाख रूपया देनदारी बकाया है। विभाग द्वारा अनुुज्ञापी को बार बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी न तो नोटिस का जवाब दिया जा रहा है और न बकाया पैसा जमा किया जा रहा है। उन्होनेंं बताया कि सितंबर माह बीतने पर यह रकम ढ़ाई करोड़ से उपर हो जाएगी।
श्री उपाध्याय ने बताया कि वसूली के लिए आबकारी इंस्पेक्टर से रोज की बिक्री जमा करने के लिए कहा था। ठेके से जितना पैसा भी एक्साइज इंस्पेक्टर के माध्यम से आया है वह सब सरकारी खजाने में शिकायत कर्ता की रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले ही जमा किया हुआ है। उन्होनें कहा कि आबकारी विभाग की जिम्मेदारी है कि वह सरकार को राजस्व क्षति न होने दे। उनका कहना है कि वह इस मामले को खुद जिला मजिस्ट्रेट के संज्ञान में लाने जा रहे हैं। साथ ही उन्होनें बताया कि अनुज्ञापी द्वारा किसी भी नोटिस का जवाब न देने और बकाया पैसा भी जमा न करने की स्थिति में अनुज्ञापी को ठेका कैंसलेशन के बारे में भी नोटिस जारी किया जा चुका है जिससे ठेके की किसी अन्य के नाम पर नीलामी हो सके । उनका कहना है कि उनके ऊपर जो भ्रष्टाचार के आरोप लगाये जा रहे हैं वह निराधार हैं।
