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नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा को लगाई उनके पसंद का भोग, हर मनोकामना होगी पूरी, मिलेगा मनचाहा वरदान, पढे़ और शेयर करें……..

नवरात्रि का हर दिन मां दुर्गा के नौ रूपों में एक देवी को समर्पित है, उसी अनुसार पूजा और अराधना की जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि देवी को चढ़ाया गया प्रसाद भी आपकी पूजा को सफल करने में अहम भूमिका निभाता है। ज्योतिष अनुसार सभी नौ देवियों का एक पसंदीदा खाद्य पदार्थ है और इसे अगर उस दिन प्रसाद रूप में चढ़ाया जाए तो आपकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।शैलपुत्री को हिमालय पुत्री माना जाता है। इन्हें घी बेहद प्रिय है, इसलिए प्रसाद के रूप में इस दिन देवी को घी अवश्य चढ़ाएं। साथ ही इनके चरणों पर भी लेप की तरह घी लगाएं, इससे आने वाले समय में आप रोग-व्याधि से मुक्त रहेंगे और आप या परिवार का कोई भी सदस्य लंबी बीमारी से परेशान हो तो वह भी ठीक हो जाएगा। दुर्गा का दूसरा रूप मां ब्रह्मचारिणी को माता पार्वती का रूप माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि सती होने के बाद उन्होंने इसी रूप में भगवान शिव को दुबारा पति रूप में पाया था। कमंडलधारिणी मां को चीनी का भोग अवश्य लगाएं, इससे परिवार में अकाल मृत्यु की संभावना खत्म हो जाती है। माथे पर अर्ध चंद्रमा विराजित मां चंद्रघंटा दुर्गा का तीसरा स्वरूप हैं। ऐसी मान्यता है कि इन्हें दूध बेहद पसंद है, इसलिए अगर नवरात्रि के तीसरे दिन दूध या इससे बनी वस्तुएं-मिठाई प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाएं या दान दी जाएं तो देवी प्रसन्न होती हैं। नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है। कहते हैं माता को मालपुआ बेहद पसंद है, इसलिए इस दिन प्रसाद के रूप में मालपुआ चढ़ाने के अलावा दूसरों को खिलाने वालों की बुद्धि तेज होती है और इसके बल पर वो अपनी सभी मनोकामना पूर्ण करते हैं। स्कंदमाता की गोद में उनके पुत्र कार्तिकेय विराजमान होते हैं, नवरात्रि के पांचवें दिन इन्हीं की पूजा होती है। पका केला देवी को बहुत प्रिय माना जाता है, इसलिए इस दिन अपनी मनोकामना के साथ केले का प्रसाद चढ़ाएं और गरीबों में बांटें। इससे आपको मनोवांछित फल मिलेंगे, साथ ही रोग-शोक भी दूर होंगे।

मां दुर्गा के छठे रूप देवी कात्यायनी को शहद बहुत प्रिय माना जाता है, इसलिए प्रसाद में इस दिन शहद अवश्य चढ़ाएं या इससे बनी किसी अन्य खाद्य वस्तु का भी भोग लगा सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे आपको देवी की कृपा मिलती है और अभूतपूर्व खूबसूरती और आकर्षण प्राप्त होता है। देवी कालरात्रि को प्रलयंकारी माना गया है। मान्यता है कि देवी अगर प्रसन्न हो जाएं तो जीवन से सभी प्रकार के दुखों का नाश होता है। देवी काली को गुड़ बेहद प्रिय माना जाता है, इसलिए इनकी कृपा प्राप्ति के लिए इस दिन गुड़ या इससे बना भोग प्रसाद रूप में अवश्य चढ़ाएं। साथ ही गुड़ का दान भी करें। नवरात्रि की अष्ठमी को मां गौरी की पूजा की जाती है। इस दिन माता को नारियल का प्रसाद चढ़ाएं और ब्राह्मणों को इसका दान भी करें, आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। नवरात्रि के आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। सफेद तिल इनकी पसंदीदा खाद्य वस्तु है, इसलिए इस दिन की पूजा सफेद तिल और इससे बनी खाद्य वस्तुओं का भोग अवश्य लगाएं। मां सिद्धिदात्री सर्वमनोकामना पूर्ण करने वाला माना जाता है।

 

 

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