देहरादून: बीएसएनएल उत्तराखंड सर्किल में कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार से तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ऑल यूनियन एंड एसोसिएशन ऑफ बीएसएनएल–उत्तराखंड सर्किल के आह्वान पर 28 से 30 जुलाई तक चलने वाले इस आंदोलन के पहले दिन परिमंडल कार्यालय, पटेल नगर, देहरादून में कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया।
BSNL कर्मचारियों का तीन दिवसीय धरना शुरू
धरना शुरू होने से एक दिन पहले यानी 27 जुलाई को कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में ब्लैक बैज लगाकर विरोध दर्ज कराया था। अब तीन दिवसीय आंदोलन के माध्यम से कर्मचारी अपनी लंबित मांगों के जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
यूनियन की प्रमुख मांगों में उत्तराखंड में लागू किए जा रहे संगठनात्मक पुनर्गठन (ऑर्गेनाइजेशनल रीस्ट्रक्चरिंग) के पायलट प्रोजेक्ट को वापस लेने की मांग शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि इस योजना को लागू करने से पहले सभी मानव संसाधन (HR) से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाना चाहिए।
संगठनात्मक पुनर्गठन और वेतन संशोधन समेत कई मांगें उठाईं
यूनियन ने 1 जनवरी 2017 से लंबित तीसरे पीआरसी के तहत वेतन संशोधन (Wage Revision) का लाभ कर्मचारियों को दिए जाने की भी मांग उठाई है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन संशोधन से जुड़ी “अफोर्डेबिलिटी क्लॉज” में आवश्यक छूट देकर इसका लाभ सभी कर्मचारियों तक पहुंचाया जाए।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने पदोन्नति और कैरियर प्रोग्रेशन से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान, ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को 20 प्रतिशत एचआरए, दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों के लिए विशेष भत्ते में वृद्धि, टेन्योर स्टेशन पर तैनाती की अवधि तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष करने तथा लंबित भत्तों, एनईपीपी और अन्य सुविधाओं से जुड़े मामलों का जल्द निस्तारण करने की भी मांग की।
फैसला लेने से पहले हो मान्यता प्राप्त यूनियनों से बातचीत
यूनियन का ये भी कहना है कि संगठनात्मक पुनर्गठन से जुड़ा कोई भी अंतिम फैसला लेने से पहले बीएसएनएल मुख्यालय और उत्तराखंड सर्किल स्तर पर सभी मान्यता प्राप्त यूनियनों और कर्मचारी संगठनों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को आगे और तेज किया जा सकता है। फिलहाल यह धरना 30 जुलाई तक जारी रहेगा।



