उत्तरकाशी : भारत-चीन सीमा से सटे उत्तरकाशी जनपद में भारतीय सेना ने अपनी सामरिक तैयारियों का एक और प्रभावी प्रदर्शन किया। चिन्यालीसौड़ स्थित धरासू हवाई पट्टी पर सेना के पैरा कमांडो ने सफल पैरा जंप कर अपना वैलिडेशन पूरा किया। इसके बाद कमांडो दल ने आसपास की पहाड़ियों में आधुनिक हथियारों और अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों के साथ युद्धाभ्यास कर दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में ऑपरेशन की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
चीन सीमा से सटे क्षेत्र में पैरा कमांडो का दम
धरासू हवाई पट्टी सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। उत्तरकाशी जनपद भारत-चीन (तिब्बत) सीमा से जुड़ा हुआ है और सीमावर्ती क्षेत्रों तक सेना की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने में यह हवाई पट्टी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आवश्यकता पड़ने पर सैनिकों, हथियारों और राहत सामग्री की तेज़ी से आवाजाही के लिए भी यह हवाई पट्टी उपयोगी साबित होती है।
धरासू हवाई पट्टी पर सफल वैलिडेशन
अभ्यास के दौरान पैरा कमांडो ने निर्धारित ऊंचाई से छलांग लगाकर सुरक्षित लैंडिंग की। इसके बाद उन्होंने आसपास की ऊंची पहाड़ियों में सामरिक मूवमेंट, लक्ष्य पर कार्रवाई, घेराबंदी और विभिन्न युद्ध कौशल का अभ्यास किया। आधुनिक हथियारों से लैस कमांडो ने पर्वतीय परिस्थितियों में अभियान चलाने की अपनी दक्षता का भी प्रदर्शन किया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में इस प्रकार के नियमित सैन्य अभ्यास सेना की ऑपरेशनल तैयारियों को और मजबूत बनाते हैं। इसके साथ ही ये संदेश भी देते हैं कि भारत-चीन सीमा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में भारतीय सेना हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्षम है।
स्थानीय लोगों ने की सेना के साहस की सराहना
स्थानीय लोगों ने भी पैरा कमांडो के इस रोमांचक अभ्यास को देखा और सेना के साहस एवं अनुशासन की सराहना की। सैन्य सूत्रों के अनुसार इस प्रकार के अभ्यास समय-समय पर सैनिकों की युद्ध क्षमता, समन्वय और त्वरित कार्रवाई की दक्षता को परखने के लिए आयोजित किए जाते हैं।