टिहरी न्यूज : प्रतापनगर क्षेत्र को जिला मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाला डोबरा–चांटी–लंबगांव मोटर मार्ग आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। लगभग 200 से अधिक गांवों की जीवनरेखा माने जाने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि राहगीरों और वाहन चालकों के लिए यह समझ पाना मुश्किल हो गया है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क।
सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। बरसात के कारण इनमें पानी भर जाने से खतरा और बढ़ गया है। दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक परेशानी झेल रहे हैं, जबकि स्कूली बच्चे, मरीज, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को इस मार्ग से सफर करना किसी चुनौती से कम नहीं है। हर दिन सैकड़ों वाहन इसी सड़क से गुजरते हैं, लेकिन बदहाल सड़क के कारण लोगों को घंटों की यात्रा करनी पड़ रही है और दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार लोक निर्माण विभाग और प्रशासन से सड़क की मरम्मत की मांग की गई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सड़क की समय पर मरम्मत नहीं होने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। यदि जल्द ही सड़क का पुनर्निर्माण या गड्ढों की मरम्मत नहीं की गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
यह सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि प्रतापनगर क्षेत्र के लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजमर्रा की जिंदगी की धुरी है। इसके बावजूद सड़क की बदहाल स्थिति यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर 200 से अधिक गांवों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग की सुध कब ली जाएगी।
अब क्षेत्र की जनता ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि इस सड़क की तत्काल मरम्मत कर इसे सुरक्षित बनाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सके। लोगों का कहना है कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच यदि मुख्य सड़कें ही इस हाल में हों, तो आम जनता को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।