हल्द्वानी : हल्द्वानी में विधिक माप विज्ञान यानी बाट-माप विभाग के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। फर्जी बिल बुक छपवाकर व्यापारियों से सत्यापन और मरम्मत शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी। डायल-112 पर मिली शिकायत के बाद पुलिस और विभाग की जांच में पूरे खेल का खुलासा हुआ।
फर्जी बिल बुक से व्यापारियों से ठगी का खुलासा
हल्द्वानी में फर्जी बिल बुक से व्यापारियों से ठगी का खुलासा हुआ है। मामले में आरोपी मनीष, निवासी लखनपुर रामनगर, के पास दो बिल बुक मिलीं। एक उसकी अधिकृत फर्म ‘मनीष एसोसिएट्स’ की थी, जबकि दूसरी ‘रोहित एसोसिएट्स’ के नाम से फर्जी पाई गई। विभाग ने स्पष्ट किया कि इस नाम से कोई भी लाइसेंसधारी फर्म पंजीकृत नहीं है।
अब तक लाखों की ठगी का अंदेशा
जांच में सामने आया कि हल्द्वानी, भवाली, किच्छा, बाजपुर, दिनेशपुर समेत कई क्षेत्रों के व्यापारियों से सरकारी शुल्क के नाम पर रकम वसूली गई, लेकिन पैसा सरकारी खाते में जमा नहीं कराया गया। विभाग अब सभी व्यापारियों के बयान दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है।
कुमाऊं के प्रभारी उप नियंत्रक ललित मोहन पंत ने बताया कि संयुक्त जांच टीम गठित कर दी गई है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने व्यापारियों से अपील की है कि शुल्क देने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान और विभागीय प्राधिकरण की जांच जरूर करें।